Friday, July 31, 2015

डाककर्मी के पुत्र मुंशी प्रेमचंद ने लिखी साहित्य की नई इबारत - डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव


हिन्दी साहित्य के इतिहास में उपन्यास सम्राट के रूप में अपनी पहचान बना चुके मुंशी प्रेमचंद के पिता अजायब राय श्रीवास्तव डाकमुंशी के रूप में कार्य करते थे। ऐसे में प्रेमचंद का डाक-परिवार से अटूट सम्बन्ध था।  उक्त उद्गार प्रेमचंद की जयंती पर राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं और हिंदी साहित्यकार साहित्यकार कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किये। डाक निदेशक श्री यादव ने कहा कि डाककर्मी के पुत्र मुंशी प्रेमचंद ने साहित्य की नई इबारत  लिखी। जब प्रेमचंद के पिता गोरखपुर में डाकमुंशी के पद पर कार्य कर रहे थे उसी समय गोरखपुर में रहते हुए ही उन्होंने अपनी पहली रचना लिखी। उन्होंने कहा कि मुंशी प्रेमचंद को पढ़ते हुए हम  सब बड़े हो  गए। उनकी रचनाओं से बड़ी  आत्मीयता महसूस होती है। ऐसा लगता है जैसे इन रचनाओं के  पात्र हमारे आस-पास ही मौजूद हैं।   


 निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि प्रेमचंद से पहले हिंदी साहित्य राजा-रानी के किस्सों, रहस्य-रोमांच में उलझा हुआ था। प्रेमचंद ने साहित्य को सच्चाई के धरातल पर उतारा। प्रेमचन्द के साहित्यिक और सामाजिक विमर्श आज भूमंडलीकरण के दौर में भी उतने ही प्रासंगिक हैं और उनकी रचनाओं के पात्र आज भी समाज में कहीं न कहीं जिन्दा हैं। प्रेमचन्द जब अपनी रचनाओं में समाज के उपेक्षित व शोषित वर्ग को प्रतिनिधित्व देते हैं तो निश्चिततः इस माध्यम से वे एक युद्ध लड़ते हैं और गहरी नींद सोये इस वर्ग को जगाने का उपक्रम करते हैं। उनका साहित्य शाश्वत है और यथार्थ के करीब रहकर वह समय से होड़ लेती नजर आती हैं। 

श्री यादव ने कहा कि प्रेमचन्द ने अपने को किसी वाद से जोड़ने की बजाय तत्कालीन समाज में व्याप्त ज्वलंत मुद्दों से जोड़ा। राष्ट्र आज भी उन्हीं समस्याओं से जूझ रहा है जिन्हें प्रेमचन्द ने काफी पहले रेखांकित कर दिया था, चाहे वह जातिवाद या साम्प्रदायिकता का जहर हो, चाहे कर्ज की गिरफ्त में आकर आत्महत्या करता किसान हो, चाहे नारी की पीड़ा हो, चाहे शोषण और समाजिक भेद-भाव हो। कृष्ण कुमार यादव ने जोर देकर कहा कि आज प्रेमचन्द की प्रासंगिकता इसलिये और भी बढ़ जाती है कि आधुनिक साहित्य के स्थापित नारी-विमर्श एवं दलित-विमर्श जैसे तकिया-कलामों के बाद भी अन्ततः लोग इनके सूत्र किसी न किसी रूप में प्रेमचन्द की रचनाओं में ढूंढते नजर आते हैं।
आज भी प्रासंगिक हैं प्रेमचंद के विमर्श : कृष्ण कुमार यादव

साहित्य से इतर भी प्रासंगिक हैं मुंशी प्रेमचंद के विचार : कृष्ण कुमार यादव

प्रेमचंद के सामाजिक व साहित्यिक विमर्श : कृष्ण कुमार यादव
मुंशी प्रेमचंद की रचनाओं के पात्र हमारे आस-पास ही मौजूद - डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव 
मुंशी प्रेमचंद की रचनाओं  में आत्मीयता की झलक :  कृष्ण कुमार यादव 

Thursday, July 23, 2015

ग्रामीण डाक जीवन बीमा में बीमित सीमा 5 लाख से बढ़कर हुई 10 लाख रूपये

डाक विभाग को लोग सामान्यतया चिट्ठी-पत्री के लिए ही जानते हैं, पर डाक विभाग एक लम्बे समय से जीवन बीमा के क्षेत्र में भी है। बीमा के क्षेत्र में डाक विभाग नित नये आयाम भी स्थापित कर रहा है। अब  ग्रामीण डाक जीवन बीमा की अधिकतम बीमित सीमा 5 लाख से बढ़ाकर अब 10 लाख रूपये कर दी गयी है। इससे पूर्व इस साल के आरम्भ में डाक जीवन बीमा में बीमित राशि को बढा कर 20 से 50 लाख रूपये कर दिया गया था।

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2015-16 की प्रथम तिमाही में जोधपुर क्षेत्र में डाक विभाग ने लोगों का 45 करोड़ रूपये का जीवन बीमा किया है। इसमें डाक जीवन बीमा के तहत 35 करोड़ एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा के तहत 10 करोड़ रूपये का जीवन बीमा किया गया। इसके अलावा इसके तहत डाक जीवन बीमा में कुल 23 करोड़ एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा में साढे आठ करोड़ रूपये की प्रीमियम राशि जमा हुई है। 

निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के जीवन बीमा के लिए भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस योजना से ग्रामीणों को अधिकाधिक जोड़ने के लिये विभागीय अधिकारी व कर्मचारी विभिन्न स्तरों पर मेले लगा रहे हैं और ग्राम सरपंचों, स्कूली अध्यापकों व जनप्रतिनिधियों के जरिये लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीण लोगों हेतु डाक विभाग ने सर्वप्रथम 1995 में ग्रामीण डाक जीवन बीमा आरंभ किया। अधिकाधिक लोगों  को बीमित करने हेतु हर डाक मण्डल में गाॅंवों को चिन्हित करके उन्हें ग्रामीण डाक जीवन बीमा ग्राम के रूप में कवर किया जा रहा है ।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि ”ग्रामीण डाक जीवन बीमा” में वर्तमान में 5 योजनायें-सुरक्षा, संतोष, ग्राम सुविधा, ग्राम सुमंगल व ग्राम प्रिया हैं। इसके तहत वर्तमान में सभी ग्रामीण व्यक्ति बीमा के पात्र हैं। इसमें न्यूनतम 19 व अधिकतम 55 वर्ष की सीमा रेखा रखी गई है। इसमें निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, धारा 88 के तहत आयकर में छूट, कम प्रीमियम और अधिक बोनस, पाॅलिसी पर लोन की सुविधा, देश के किसी भी डाकघर में प्रीमियम जमा करने की सुविधा और 6 महीने के अग्रिम प्रीमियम पर 1 फीसदी की छूट, 12 माह अग्रिम जमा पर 2 फीसदी की छूट दी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि जमा प्रीमियम पर किसी तरह का किसी प्रकार के एजेन्ट कमीशन का भार प्रस्तावक पर नहीं पड़ता है। 

Wednesday, July 22, 2015

Postinfo brings Post Offices to mobile

Now, one will not have to visit a post office to enquire about the status of their postal dispatches or interest accrued on investments in financial schemes. For the benefit of customers, the postal department has launched mobile app 'Postinfo' that would provide all information available on mobile screen. The android based app is available free of cost. 

The app also allows a customer to save information for future reference and share it with others through bluetooth, messaging apps, WhatsApp and facebook. 


The tracking facility would help people trace the location of insured letter, value payable letter, registered packets, periodicals, insured parcel and electronic money order (e-MO) among others. 

The users can view the status of their articles by entering the article number and pressing the track button. It will instantly display details of their article on real time basis. 

Through the app, people would also be able to avail the facility of calculating interest accrued and total amount on their savings accounts. It would also provide information on various financial schemes launched by the department. 

"The app can also help customers calculate postage price to be paid for all types of articles based on the weight entered by the user through a 'postage calculator' feature of the app. The unique feature of the app is that in a single query it shows chargeable tariff for all postal items," 

Similarly premium calculator is another feature. The Postal department is offering various types of life insurance policies. The users can check the premium payable for all eligible types of postal or rural postal life insurance policies on the basis of the input entered. Similarly, interest can be calculated on all small saving schemes, including Central government's ambitious scheme, 'Sukanya Samriddhi yojana', recurring deposits, time deposit, monthly income scheme, senior citizen savings scheme, national savings certificate and kisan vikas patra among a number of others."

Saturday, July 4, 2015

अब डाक टिकटों पर भी झलकेगी बारिश में बच्चों की मस्ती

डाक टिकटों का संचय करने वाले और कला में रूचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है,कि भारतीय डाक विभाग बाल दिवस-2015 पर जारी होने वाले डाक टिकट के लिए डाक टिकट डिजाइन प्रतियोगिता का आगाज करने जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि आगामी बाल दिवस -2015 के लिए डाक विभाग ने ’बारिश में एक दिन’ थीम पर डाक टिकट डिजाइन प्रतियोगिता की घोषणा की है, जिसके तहत 18 वर्ष से कम उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक इस विषय पर डाक टिकट व अन्य फिलेटेलिक सामग्री हेतु अपना मौलिक डिजाइन भेज सकता है। डाक टिकट डिजाइन हेतु राष्ट्रीय स्तर पर क्रमशः 10,000, 6000 व 4000 रूपये का प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार भी दिया जायेगा। 

डाक निदेशक श्री यादव ने बताया कि यह डिजाइन इंक, वाटर व आयल कलर इत्यादि में हो सकती है, पर कम्प्यूटर प्रिन्टेंड/प्रिंट आउट की अनुमति नहीं होगी। डिजाइन के पीछे प्रतिभागी का नाम, उम्र, राष्ट्रीयता, पिन कोड के साथ आवासीय पता, फोन/मोबाइल नं0 व ई-मेल लिखा होना चाहिए। इसके साथ ही मौलिकता का एक घोषणपत्र भी संलग्न करना होगा। संबंधित प्रतिभागी स्पीड पोस्ट के माध्यम से 31 अगस्त, 2015  तक अपनी प्रविष्टियाँ सहायक महानिदेशक (फिलेटली), कक्ष संख्या 108 (बी), डाक भवन, पार्लियामेंट स्ट्रीट, नई दिल्ली-110001 पर भेज सकते हैं। स्पीड पोस्ट लिफाफे के ऊपर ’’डाक टिकट डिजायन प्रतियोगिता’’ अवश्य अंकित होना चाहिए।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि हर किसी की चाहत होती है कि काश उसका बनाया चित्र डाक टिकट पर एक धरोहर के रूप में अंकित हो। ऐसे में यह एक सुनहरा मौका है, जहाँ डाक टिकट पर आप द्वारा बनाया मौलिक चित्र स्थान पा सकता है। ऐसे में बारिश में खेलते हुए बच्चे, सड़क पर खड़े होकर पानी में मस्ती करते हुए, नाव चलाते हुए सहित उनके द्वारा की जाने वाली विभिन्न अठखेलियों और बारिश से संबंधित अन्य तमाम विषयों पर बनाई गई प्रविष्टि को उन्हें भेजना होगा।




बाल दिवस पर डाक टिकट के लिए  ’बारिश में एक दिन’  थीम पर भेजें अपना बनाया चित्र 
डाक विभाग ने की डाक टिकट डिजाइन प्रतियोगिता की घोषणा, 18 वर्ष तक के  लोग  लें सकेंगे भाग 

Wednesday, July 1, 2015

डाक विभाग को अगस्त में मिल सकता है भुगतान बैंक का लाइसेंस : रविशंकर प्रसाद

भारतीय डाक विभाग को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से अगस्त तक भुगतान बैंक का लाइसेंस मिल सकता है। केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी  मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह उम्मीद जताई है।


प्रसाद के अनुसार, डाक विभाग ने भुगतान बैंक के लाइसेंस की खातिर आवेदन किया है। विभाग देशभर मैं फैले अपने नेटवर्क के जरिये भारतीय डाक बैंक के तौर पर काम करना चाहता है। पिछले एक साल के दौरान डाक विभाग ने कंप्यूटरीकरण के जरिये 27,215 डाकघरों को एक नेटवर्क में जोड दिया है।प्रसाद ने कहा कि यह लाइसेंस मिलने से देशभर में फैले 1,54,000 डाकघरों को जिनमें से 1,30,000 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, लोगों को बैंकिंग सेवाओं की पेशकश करने का अवसर मिल जायेगा.

रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के मुताबिक भुगतान यानी पेमेंट बैंक जनता को जमा और धन हस्तांतरण जैसे सीमित दायरे में सेवाएं देंगे।  डाक भुगतान बैंक अपने ग्राहकों को एटीएम अथवा डेबिट कार्ड तथा दूसरे भुगतान साधन दे सकेंगे। लेकिन इन्हें क्रेडिट कार्ड जारी करने की अनुमति नहीं होगी। शुरुआत में इनमें प्रति ग्राहक अधिकतम एक लाख रुपये तक खाते में रखे जा सकेंगे। डाक भुगतान बैंक द्वारा फिलहाल कोई कर्ज नहीं दी जा पायेगी। सूत्रों के मुताबिक प्रसाद ने अर्न्स्ट एंड यंग द्वारा सुझाए गए हाइब्रिड मॉडल को मंजूरी दे दी है। अर्न्स्ट एण्ड यंग ने ही भारतीय डाक बैंक के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की है !!

Thursday, June 18, 2015

डाक विभाग द्वारा आबू रोड में आयोजित हुआ वृहद डाक मेला, डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने किया उद्घाटन

डाक विभाग द्वारा सिरोही मंडल के अधीन आबू रोड डाकघर में 17 जून 2015  को वृहद स्तर पर डाक मेले का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर  के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर डाक जीवन बीमा के तहत लोगों का 3 करोड़ 52 लाख 50 हजार एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा के तहत 1 करोड़ 80 लाख रूपये का बीमा,  सुकन्या समृद्धि के तहत 4103 खाते  एवं अन्य बचत योजनाओं के 1 हजार  खाते, फिलेटली डिपॉजिट के 284 खाते खोले गये एवं साथ ही साथ माई स्टैम्प की 150 शीट बनाई गई। निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर लोगों को मंच पर पासबुकें देकर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की।


डाक मेले का उद्घाटन करते हुये राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी डाक बचत और बीमा योजनाओं के तहत लाना है। इसके तहत तमाम गाँवों  को बचत बैंक ग्राम और सम्पूर्ण ग्रामीण डाक जीवन बीमा ग्राम के तहत भी आच्छादित किया जा रहा है। डाक निदेशक श्री यादव  ने बीमा योजनाओं के संबंध में कहा कि ”डाक जीवन बीमा” में 6 योजनायें-सुरक्षा, संतोष, सुविधा, युगल सुरक्षा, सुमंगल व चिल्ड्रन पॉलिसी हैं। इसके तहत वर्तमान में सरकारी, अर्द्धसरकारी, सरकारी नियंत्रण वाली संस्थाओं  के कर्मी बीमा के पात्र हैं। इसके अलावा ग्रामीण लोगों के लिए ग्रामीण डाक जीवन बीमा सेवा है। डाक जीवन बीमा में 50 लाख और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 20 लाख रूपये तक का जीवन बीमा कराया जा सकता है।

 डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाकघरों को भी अब कोर बैंकिंग सोल्यूशन (सी.बी.एस.) से जोड़ा जा रहा है, जिससे कोई भी ग्राहक देश के किसी भी कोने में स्थित सी.बी.एस. डाकघर से अपना पैसा निकाल सकेगा। फिलहाल सिरोही मंडल में सिरोही व जालौर प्रधान डाकघर के अलावा माउन्ट आबू, आहोर, सांचौर, गुढाबालोतान डाकघरों को सी.बी.एस.से जोडा गया है।  शीघ्र ही आबू रोड सहित अन्य डाकघरों को भी सी.बी.एस.से जोडा जायेगा। इसके अलावा बीमा सेवा को भी मैककैमिश सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन किया जा चुका है और पूरे राजस्थान राज्य में सिरोही प्रधान डाकघर में सर्वप्रथम यह 24 मार्च, 2014 को आरम्भ हुआ। इससे ग्रामीण स्तर पर भी बैंकिंग व बीमा क्षेत्रों में क्रान्तिकारी कदम का सूत्रपात होगा और डाकघरों के खाताधारक आने वाले दिनों में नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग  एवं एटीएम सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

निदेशक डाक सेवाएं श्री यादव ने कहा कि डाकघरों में निवेश की तमाम योजनायें हैं, जिनमें बचत खाता, आवर्ती जमा, सावधि जमा, मासिक आय योजना, पी. पी. एफ., सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम, सुकन्या समृद्धि योजना एवं  राष्ट्रीय बचत पत्र व किसान विकास पत्र में निवेश किया जा सकता है। हाल ही में आरम्भ सुकन्या समृद्धि योजना के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि बेटियों की समृद्धि और खुशहाली में ही समाज का भविष्य टिका हुआ है। ऐसे में   'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के तहत  बेटियों की उत्तम परवरिश, उच्च शिक्षा और उनके विवाह में सुविधा के लिए डाकघरों में यह योजना आरंभ की गयी है। 10 साल तक की बच्चियों के लिए आरम्भ इस योजना में एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये तक जमा किये जा सकते हैं।  9.2 प्रतिशत ब्याज और आयकर छूट वाली इस योजना में  खाता खोलने से मात्र 14 वर्ष तक धन जमा कराना होगा।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर उपस्थित युवाओं और बच्चों से रूबरू होते हुए उन्हें फिलेटली (डाक टिकट संग्रहण) से जुडने की अपील की और कहा कि  विभाग ने ”माई स्टैम्प” जैसी आकर्षक सेवा आरम्भ की है, जिसके तहत अब वे डाक टिकटों पर अपनी तस्वीर लगवा सकते हैं और इन डाक-टिकट लगे पत्रों को  देश भर में कहीं भी भेज  सकते  हैं। मात्र 300 रूपये में उपलब्ध इस सेवा में एक शीट में कुल 12 डाक-टिकटों के साथ फोटो लगाई जा सकती है। फिलहाल यह सुविधा माउन्ट आबू डाकघर में उपलब्ध है।

सिरोही मंडल के डाक अधीक्षक श्री देवा राम पुरोहित ने इस अवसर पर निदेशक और अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि डाक विभाग का नेटवर्क काफी वृहद है और लोगों की सेवा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। डाक विभाग दिनों-ब-दिन अपनी सेवाओं को उन्नत बना रहा है और इसका फायदा समाज के हर वर्ग को मिलेगा।

 इस मौके पर कार्यक्रम की विशिष्ठ अतिथि डॉ0 भारती बंसल, एम.बी.बी.एस.,एम.एस. (स्त्री रोग विशेषज्ञ) लाइफ केअर हॉस्पिटल आबू रोड़ ने भी बताया कि डाक विभाग की सुकन्या समृद्धि योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी द्वारा शुभारम्भ किये गये  “बेटी बचाओं, बेटी पढाओ” अभियान को मूर्त रूप देने का एक सशक्त माध्यम है, जिसमें निवेश करके अभिभावक अपनी बच्चियों की उच्च्तर शिक्षा एवं विवाह आदि आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं। 

इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले सिरोही मण्ड़ल के कर्मचारियों को निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव द्वारा पारितोषिक प्रदान कर सम्मानित किया गया। इनमें श्री अशोक कुमार, शाखा डाकपाल सनवाड़ा, श्री राजेन्द्र कुमार वैष्णव, शाखा डाकपाल वीरवाड़ा, श्री शंकर लाल दमामी, शाखा डाकपाल सनवाड़ा को सुकन्या समृद्वि योजना के तहत् सर्वाधिक खाते खोलने बाबत एवं श्री अशोक कुमार, शाखा डाकपाल सनवाड़ा, श्री अहमद खान, शाखा डाकपाल जाम्बुरी, श्री मगनलाल, शाखा डाकपाल अचपुरा को ग्रामीण डाक जीवन बीमा में उत्कृष्ट प्रदर्शन बाबत पारितोषिक प्रदान किया गया।
      
कार्यक्रम का आभार ज्ञापन श्री मुकेश कुमार जांगिड़, निरीक्षक डाक आबू रोड़ और संचालन श्री तुलसी राम सैनी ने किया। इस अवसर पर सहायक डाक अधीक्षक सर्वश्री कालू राम प्रजापत, डाक निरीक्षक सर्वश्री राजेंद्र सिंह भाटी, पारस सुथार, पोस्टमास्टर श्री पी आर बोस सहित तमाम अधिकारी, कर्मचारी, बचत अभिकर्तागण व नागरिक उपस्थित रहे।



 भविष्य में डाकिया होगा ज्ञान का दूत 

Saturday, June 13, 2015

जोधपुर प्रधान डाकघर में फिलेटली एवं माई स्टैम्प मेला : माई स्टैम्प पर अपनी फोटो देखकर हर्षित हुए जोधपुरी

जोधपुर प्रधान डाकघर में अधीक्षक रेल डाक सेवा के तत्वाधान में फिलेटली एवं माई स्टैम्प मेले का आयोजन 13 जून को किया गया। मेले का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि के रूप  में राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवायें श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि हर डाक टिकट की अपनी एक कहानी है और इस कहानी को वर्तमान पीढ़ी के साथ जोड़ने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि सामान्यतः डाक टिकट एक छोटा सा कागज का टुकड़ा दिखता है, पर इसका महत्व और कीमत दोनों ही इससे काफी ज्यादा है। डाक टिकट वास्तव में एक नन्हा राजदूत है, जो विभिन्न देशों का भ्रमण करता है एवम् उन्हें अपनी सभ्यता, संस्कृति और विरासत से अवगत कराता है। निदेशक श्री यादव ने कहा कि डाक टिकटों के द्वारा ज्ञान भी अर्जित किया जा सकता है। यह हमारी शिक्षा प्रणाली को और भी मजबूत बना सकते हैं। 

इस अवसर पर निदेशक डाक सेवायें श्री कृष्ण कुमार यादव ने माई स्टैम्प सेवा को युवाओं व बच्चों से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि अब डाक टिकट पर आपकी फोटो भी हो सकती है और ऐसा संभव है डाक विभाग की ’’माई स्टैम्प’’ सेवा के तहत।  इस पर सिर्फ जीवित व्यक्तियों की ही तस्वीर लगाई जा सकती है। इसके तहत् अपनी तस्वीर वाले डाक-टिकट लगे पत्र देश भर में कहीं भी भेजे  जा सकते  हैं। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए एक फार्म भरकर उसके साथ अपनी फोटो और रूपये 300/- करने होते हैं। एक शीट में कुल 12 डाक-टिकटों के साथ फोटो लगाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि जोधपुर क्षेत्र में माई स्टैम्प की सेवा आरम्भ होने के बाद अब तक एक हजार से ज्यादा लोगांे ने माई स्टैम्प की शीट बनवाई है तथा गत वर्ष रूपये 55 लाख का राजस्व फिलेटली मद में अर्जित हुआ है। मेले के दौरान हवा महल एवं ताजमहल की थीम आधारित माई स्टैम्प उपलब्ध कराये गये। 

       
अधीक्षक रेल डाक सेवा श्री जेठमल जीनगर ने कहा कि रेलवे डाक सेवा के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब फिलेटली को लेकर पहल की गई हो। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान कुल 101 फिलेटलिक डिपाॅजिट एकाउन्ट खोले गये एवं 151 लोगों  ने माई स्टैम्प के तहत् अपनी डाक टिकटें बनवाई। इस अवसर पर फिलेटली एवं माई स्टाम्प के लिए लकी ड्राॅ खोला गया जिसमे प्रथम पुरस्कार विजेता श्री रमेश भाटी, द्वितीय पुरस्कार विजेता श्री ओमप्रकाश कटारिया एवं तृतीय पुरस्कार विजेता श्री काशीराम को समारोह के मुख्य अतिथि श्रीमान कृष्ण कुमार यादव निदेशक डाक सेवाएं प.क्षे. जोधपुर के हाथों पुरस्कार वितरण किया गया एवं फिलेटली एवं माई स्टाम्प में बेहतर प्रदर्शन करने वाले रेल डाक सेवा ‘एसटी‘ मण्डल के श्री जी. एल. तनेजा, श्री मोहम्मद रमजान, श्री निर्मल कुमार प्रजापति, श्री दीपक कुमार, श्री अरविन्द जीनगर को भी मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया।

       इस अवसर पर श्री क्षितिज महर्षि, सहायक प्रोफेसर, जेएनवीयू, जोधपुर श्री आर.के भूतड़ा, फिलेटेलिस्ट ने विशिष्ट अतिथि के रूप में विचार व्यक्त किये। 

इस अवसर पर प्रवर डाक अधीक्षक श्री पी.आर. कडे़ला, सीनियर पोस्टमास्टर श्री जयसिंह, सहायक अधीक्षक तरूण कुमार शर्मा, विनय खत्री, मूलसिंह, सुदर्शन सामरियां, दीपक कुमार, महेन्द्र सुथार, विजयसिंह सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी एवं फिलेटलिस्ट व बच्चे उपस्थित रहे।









 (साभार : राजस्थान पत्रिका, 14 जून 2015)
(साभार : नव ज्योति, 14 जून 2015)







अब डाकघरों से मंगाएं नदियों का पवित्र जल

आंध्र प्रदेश डाक परिमंडल  ने जून 2015 के पहले सप्ताह में यह घोषणा की कि वह 14 जुलाई से 25 जुलाई 2015 तक आयोजित किये जाने वाले पुष्करम त्योहार के दौरान गोद-जल (गोदावरी नदी का पानी) को बेचने का प्रबंध करेगी. गोदावरी में स्नान न कर पाने की स्थिति में आंध्र प्रदेश व तेलंगाना के किसी भी डाक घर से गोद-जल खरीदकर यह त्योहार मनाया जा सकता है. गोद-जल को शुद्ध कर के 500 मिलीलीटर पानी की बोतलों में आईएसआई मानकों के तहत 20 रूपए में बेचा जायेगा. इसे दो राज्यों के 95 डाकघरों, 2,360 उप डाकघरों तथा 13,611 शाखा डाकघरों के माध्यम से बेचा जायेगा. पानी आंध्रप्रदेश डाक विभाग की वेबसाइट www.appost/in/eshop द्वारा 14 जुलाई 2015 तक ऑनलाइन भी मंगाया जा सकता है. विदेशों में ऑर्डर करने के लिए वर्ल्ड नेट एक्सप्रेस तथा देश में ऑर्डर के लिए ईएमएस स्पीड पोस्ट द्वारा डिलीवरी की जाएगी.

आन्ध्र प्रदेश डाक विभाग द्वारा गोदावरी नदी के पानी को बेचे जाने का निर्णय इस कारण लिया गया क्योंकि नदी का अधिकतर बहाव दोनों राज्यों से होकर गुजरता है तथा इन दोनों राज्यों में पुष्करम त्योहार का विशेष महत्व है. गोदावरी महापुष्करम एक अदभुत त्योहार है जो प्रत्येक 144 वर्ष बाद मनाया जाता है. इसलिए श्रद्धालुओं के बीच इस दिन गोदावरी में स्नान करने को लेकर विशेष उत्साह देखा जाता है.गोदावरी नदी के पवित्र बोतल बंद जल का संक्षिप्त नाम गोदावरी जलम् के आधार गॉड जल रखा है। हालांकि यह मिनरल वाटर की तुलना में थोड़ा महंगा होगा। डाक विभाग आधा लीटर गॉड जल 20 रुपए में बेचेगा।

आंध्रप्रदेश व तेलंगाना सर्किल मुख्य महाडाकपाल बी.वी. सुधाकर ने कहा कि पवित्र जल को महाकुंभ के दौरान गोदावरी से निकाला जाएगा और उसे भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों के हिसाब से राजमुंदरी की एक कंपनी द्वारा शुद्ध किया जाएगा। आंध्रप्रदेश सरकार ने डाक विभाग को इसकी 500 मिली बॉटलिंग की अनुमति दे दी है। अगर मांग में वृद्धि तो डाक विभाग 20 लाख बोतल तक उत्पादन बढ़ाने की तैयारी कर चुका है।आंध्र प्रदेश डाक विभाग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आर्डर दे सकते हैं। दोनों राज्यों में आपूर्ति के लिए डाक विभाग कोई शुल्क नहीं लेगा लेकिन विदेशों में आपूर्ति के लिए ग्राहक को अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना पड़ेगा। 

Sunday, June 7, 2015

'बेटी बचाओं-बेटी पढाओ' के अन्तर्गत डाकघरों में आरम्भ सुकन्या समृद्धि योजना को लोगों ने लिया हाथों-हाथ

प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा  'बेटी बचाओं-बेटी पढाओ' अभियान के अन्तर्गत बेटियों के भविष्य को ऊंची उड़ान दिलाने के लिए आरम्भ सुकन्या समृद्धि योजना को लोगों ने हाथों-हाथ लिया है और इसके तहत् डाकघरों में बेटियों के खूब खाते खुल रहे हैं।  

इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुरा राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इसके लिए डाकघरों से लेकर स्कूल, काॅलेजों और पंचायतों तक जागरूकता शिविर और मेले लगाये गये जिसके फलस्वरूप जोधपुर परिक्षेत्र के अधीन डाकघरों में  60 हजार से ज्यादा बालिकाओं के खाते खोले गए और इनमें 11 करोड़ से ज्यादा की राशि जमा हुई । पूरे राजस्थान डाक परिमण्डल में जोधपुर क्षेत्र ने अब तक सर्वाधिक खाते खोलने का कीर्तिमान बनाया है । 

 निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि बालिकाओं के सशक्तीकरण और खुशहाली की दिशा में डाकघर में शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना  का उद्धेश्य बेटियों की शिक्षा, कैरियर एवं विवाह सम्बन्धी आर्थिक जरूरतों को पूरा करना है और इस रूप में  अभिभावकों के लिए यह वरदान साबित हुई है।  गौरतलब है कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत् 10 साल तक की बेटियों के खाते खोले जा सकते हैं और इसमें वर्तमान में 9.2 फीसदी  ब्याज देय है । प्रतिवर्ष न्यूनतम एक हजार रूपये एवं अधिकतम 1.50 लाख रूपये तक जमा की जा सकने वाली इस योजना में  खाता खोलने से  14 वर्ष तक धन जमा कराना होगा। बचत की बात करें तो सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करना पीपीएफ स्कीम से भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो रहा है । 2015-16 के लिए सुकन्या समृद्धि योजना पर मिलने वाली ब्याज दर 9.2 फीसदी है जबकि कर बचत के लिए प्रसिद्ध स्कीम पीपीएफ पर यह 8.7 फीसदी मात्र है।

कुछ यूँ होगा फायदा  : यदि 2015 में कोई व्यक्ति बेटी के नाम 1,000 रुपए महीने से खाता खोलता है तो उसे 14 साल तक यानी 2028 तक हर साल 12 हजार रुपए डालने होंगे। एक अनुमान के तहत इस पर उसे यदि हर साल 9.1 फीसदी ब्याज भी मिलता रहेगा तो जब बच्ची 21 साल की होगी तो उसे 6,07,128 रुपए मिलेंगे। जबकि इन 14 सालों में खाते में कुल 1.68 लाख रुपए ही जमा करने पड़े। इसके अलावा बाकी के 4,39,128 रुपए ब्याज के हैं। इसी प्रकार यदि इसमें 14 वर्ष तक डेढ़ लाख रुपए प्रति वर्ष जमा करवाते हैं, तो योजना के संपूर्ण होने के पश्चात अंतत: लगभग 72 लाख रूपये मिलेंगे। 


अभिनव पहल : एक दिन में 2686 बच्चियों ने खोले सुकन्या समृद्धि खाते। पाली प्रधान डाकघर में आयोजित सुकन्या समृद्धि योजना मेले में 14 मई, 2015 को बच्चियों के साथ श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवाएँ, राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, श्री एम एस खान जई, डाक अधीक्षक, पाली मंडल और अन्य। 










अभिनव पहल : एक दिन में 4000 बच्चियों ने खोले सुकन्या समृद्धि खाते। नागौर जनपद स्थित डिडवाना प्रधान डाकघर में आयोजित सुकन्या समृद्धि योजना मेले में 3 जून, 2015 को बच्चियों के साथ श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवाएँ, राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, श्री बिहारी लाल , डाक अधीक्षक, नागौर  मंडल और अन्य। 













मोदी सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर ''साल एक शुरुआत अनेक" की कड़ी में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के अन्तर्गत 'हमारी बेटियाँ हमारा गौरव' के तहत सुकन्या समृद्धि योजना को लेकर विज्ञापन एवं दृश्य प्रचार निदेशालय (DAVP) द्वारा जारी पोस्टर में एक तस्वीर हमारी भी। यह चित्र वाराणसी में सुकन्या समृद्धि मेले के दौरान लिया गया था और इसे हमारे ब्लॉग "डाकिया डाक लाया" से लिया गया है।