Monday, October 10, 2016

‘राष्ट्रीय डाक सप्ताह’ के तहत डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने किया ‘बचत बैंक दिवस’ का शुभारम्भ

डाक विभाग द्वारा 'राष्ट्रीय डाक सप्ताह' के तहत 10 अक्टूबर को  बचत बैंक दिवस के रूप में मनाया गया । इस अवसर पर डाक विभाग द्वारा शास्त्री नगर मुख्य डाकघर, जोधपुर  में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

बचत बैंक दिवस का शुभारम्भ करते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी बचत योजनाओं के तहत लाना है। डाकघरों को भी अब कोर बैंकिंग सोल्यूशन (सी.बी.एस.) से जोड़ा जा रहा है। इण्डिया पोस्ट पेमेंट बैंक खुलने के बाद ग्रामीण स्तर पर भी बैंकिंग क्षेत्रों में क्रान्तिकारी कदम का सूत्रपात होगा।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि आज भी डाकघरों की बचत योजनाएं सर्वाधिक लोकप्रिय हैं और इनमें लोग पीढ़ी दर पीढ़ी पैसे जमा करते हैI डाकघरों में हर वर्ग और उम्र के हर पड़ाव के लिए अलग-अलग बचत  योजनाएँ हैं। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के डाकघरों  में  विभिन्न तरह के  77  लाख और  सुकन्या समृद्धि योजना में  1 लाख 32 हजार से ज्यादा खाते संचालित हैं। सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के सपनों को पूरा करने का सशक्त माध्यम है। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के 10 गाँवों को शत-प्रतिशत सुकन्या समृद्धि ग्राम बनाया जा चुका है।  श्री यादव ने कहा कि अभी भी देश में मात्र 54 फीसदी महिलाओं के बचत खाते हैं, ऐसे में  महिलाओं के डाकघर में ज्यादा से ज्यादा खाते खोलकर उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा। हर बेटी को उसके जन्म पर माँ-बाप  द्वारा सुकन्या समृद्धि खाता उपहार स्वरूप देकर नई परम्परा का सूत्रपात करने की भी जरूरत है।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव  ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि नवरात्र और राष्ट्रीय डाक सप्ताह एक साथ  मनाया जा रहा है। नवरात्र नारी-सशक्तिकरण का प्रतीक है और डाक विभाग भी नारी-शक्ति और सुकन्याओं के प्रति बेहद संवेदनशीलता के साथ उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए तमाम बचत योजनाएं संचालित कर रहा है। श्री यादव ने लोगों अपील की कि इस नवरात्र में नौ कन्याओं का पूजन उनका सुकन्या समृद्धि योजना खाता खुलवाकर करें।

जोधपुर  मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक श्री बी. आर. सुथार  ने कहा कि डाकघरों में निवेश की तमाम योजनायें हैं, जिनमें बचत खाता, आवर्ती जमा, सावधि जमा, मासिक आय योजना, पी. पी. एफ., सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम एवं राष्ट्रीय बचत पत्र व किसान विकास पत्र में निवेश किया जा सकता है।

इस मौके पर सीनियर पोस्टमास्टर श्री एल. एस. पटेल  ने कहा कि डाकघरों की बचत योजनाओं में ब्याज दर अन्य संस्थानों की अपेक्षा बेहतर है और जमा धन भी पूर्णतया सुरक्षित है।

डाक मेले के दौरान बचत योजनाओं के 3571, सुकन्या समृद्धि योजना के 311, अटल पेंशन योजना के 142, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के 356 खाते खोले गए। इस अवसर पर डाक निदेशक श्री यादव ने बालिकाओं को सुकन्या समृद्धि योजना की पासबुक सौंप करके उनके समृद्ध भविष्य की कामना कीI 

इस अवसर पर डाक उपधीक्षक आर. पी. कुशवाहा, सहायक अधीक्षक पुखराज राठौड़, मूल सिंह, उदय शेजू,  राजेन्द्र सिंह भाटी, निरीक्षक रमेश जांगिड़, देवी चंद्र कटारिया, पोस्टमास्टर, शास्त्रीनगर मुख्य डाकघर  महेश कुमार शर्मा सहित डाक विभाग के तमाम अधिकारी-कर्मचारी, बचत अभिकर्तागण व नागरिकजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक अधीक्षक विनय कुमार खत्री  ने किया।


(कन्याओं का सिर्फ पूजन ही नहीं, बल्कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत उनके खाते खुलवाकर भी उनका भविष्य सुनिश्चित करने की पहल। जोधपुर में आज इसके तहत 311 बालिकाओं के  सुकन्या समृद्धि खाते खुलवाए गए।) 




Sunday, October 9, 2016

9 अक्टूबर को 'विश्व डाक दिवस’, डाक विभाग मनाएगा 9-15 अक्टूबर तक 'राष्ट्रीय डाक सप्ताह'

डाक विभाग का इतिहास सभ्यता, संस्कृति और अर्थव्यवस्था से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है। सुख-दुख के हर पल में लोगों की थाह लेने वाले डाक विभाग ने सदियों की करवटें देखी हैं और न जाने इसके आगोश में इतिहास के कितने पहलू छुपे हुये हैं। आज भले ही इंटरनेट, मोबाइल और सोशल मीडिया का जमाना हो और इनकी आड़ में तमाम सेवाएँ ख़त्म हो गई हों पर 162 साल बाद भी डाक सेवाएं नव-तकनीक के प्रवर्तन,  सेवाओं में विविधता एवं व्यापक नेटवर्क के चलते लोगों के जीवन से जुडी हुई हैं। उक्त उद्गार  राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने जोधपुर में 'विश्व डाक दिवस'  पर आयोजित एक कार्यक्रम में व्यक्त किये। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग देश के सबसे पुराने विभागों में से एक है जो कि देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक ऐसा संगठन है जो न केवल देश के भीतर बल्कि देश की सीमाओं से बाहर अन्य देशों तक पहुँचने में भी हमारी  मदद करता है। भूमंडलीकरण की अवधारणा सबसे पहले दुनिया भर में भेजे जाने वाले पत्रों के माध्यम से ही साकार हुई।

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने कहा  कि 'एक विश्व-एक डाक प्रणाली' की अवधारणा को साकार करने हेतु 9 अक्टूबर, 1874 को विश्व डाक संघ की स्थापना बर्न, स्विटजरलैण्ड में की गई, जिससे विश्व भर में एक समान डाक व्यवस्था लागू हो सके। भारत प्रथम एशियाई राष्ट्र था, जो कि 1 जुलाई 1876 को इसका सदस्य बना। कालांतर में वर्ष 1969 में टोकियो, जापान में सम्पन्न यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन, कांग्रेस में इस स्थापना दिवस को "विश्व डाक दिवस" के रूप में मनाने हेतु घोषित किया गया।  तब से पूरी दुनिया में  इस दिन को प्रतिवर्ष धूमधाम मनाया जाता है। विश्व डाक दिवस के क्रम में ही पूरे सप्ताह को राष्ट्रीय डाक सप्ताह के रूप में मनाया जायेगा, जिस दौरान तमाम कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव, ने बताया कि राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के डाक मंडलों में भी 'विश्व डाक दिवस' और तदन्तर 9 से 15 अक्टूबर तक 'राष्ट्रीय डाक सप्ताह' का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में 9 अक्टूबर, 2015 को  ’विश्व डाक दिवस’ एवं  राष्ट्रीय डाक सप्ताह के तहत 10 अक्टूबर को बचत बैंक दिवस, 13  अक्टूबर को मेल दिवस और फिलेटली दिवस, 14 अक्टूबर को डाक जीवन बीमा दिवस  व 15 अक्टूबर को  व्यवसाय विकास दिवस के रूप में मनाया जायेगा।  श्री यादव ने कहा कि इस दौरान जहां सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं राजस्व अर्जन में वृद्धि पर जोर दिया जायेगा, वहीं उत्कृष्टता हेतु डाक कर्मियों का सम्मान, कस्टमर मीट, डाक सेवाओं की कार्य-प्रणाली को समझने हेतु स्कूली बच्चों द्वारा डाकघर का भ्रमण, पत्र लेखन प्रतियोगिता, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के बारे मे जागरूकता अभियान, बचत बैंक, सुकन्या समृद्धि व डाक जीवन बीमा मेला, इत्यादि तमाम कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इसके अलावा डाकघरों में स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा।

9 अक्टूबर - विश्व डाक दिवस
10 अक्टूबर - बचत बैंक दिवस,
13  अक्टूबर - मेल दिवस और  फिलेटली दिवस
14 अक्टूबर - डाक जीवन बीमा दिवस
15 अक्टूबर - व्यवसाय विकास दिवस






Saturday, October 8, 2016

अमेरिकी डाक सेवा ने दिवाली पर जारी किया डाक टिकट

प्रकाश पर्व दीपावली त्यौहार की स्वीकार्यता अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ रही है। दुनिया के तमाम देशों में रहने वाले भारतीय दीपावली पर्व को धूमधाम से मनाते हैं। तमाम देशों ने इस दिवस की महत्ता के कारण इस पर डाक टिकट भी जारी किए हैं। इसी क्रम में अमेरिकी डाक सेवाओं द्वारा भी न्यूयार्क में 5 अक्टूबर, 2016 को दिवाली पर डाक टिकट जारी किया गया। भारतीय अमेरिकियों और प्रभावशाली अमेरिकी सांसदों के सात वर्षों के सतत प्रयासों के बाद प्रकाश के इस त्यौहार के उपलक्ष्य में यह मुमकिन हो सका। भारतीय वाणिज्य दूतावास में  एक समारोह के दौरान इस डाक टिकट का अनावरण किया गया। अमेरिकी डाक सेवा (यूएसपीएस) ने ‘दिवाली फॉरएवर' डाक टिकट जारी कर हिन्दुओं का यह त्यौहार मनाया। 

इस डाक टिकट में सुनहरे पृष्ठभूमि में जलते पारंपरिक दीपक को स्थान दिया गया है । साथ ही इसके नीचे अंकित है ‘फॉरएवर यूएसए 2016' । कार्यक्रम में वाणिज्य महादूत रीवा गांगुली दास, सांसद कैरोलिन मालोनी, दिवाली टिकट परियोजना अध्यक्ष रंजू बत्रा, यूएसपीएस उपाध्यक्ष :मेल एंटरी एंड पेमेंट टेक्नोलॉजी: पृथा मेहरा, संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि हरदीप सिंह पुरी और प्रतिष्ठित भारतीय अमेरिकी वकील रवि बत्रा शामिल हुए ।

इस अवसर पर सांसद कैरोलिन मालोनी ने कहा, ‘कई वर्षों की कठिन मेहनत और हिमायत के बाद आखिरकार प्रकाश की जीत हुई । आज दिवाली के उपलक्ष्य में बहु-प्रतीक्षित स्मारक डाक टिकट जारी किया गया और अब यह त्यौहार क्रिसमस, क्वांजा, हानुका और ईद जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक जैसे प्रमुख त्यौहारों की श्रेणी में शामिल हो गया है।' अमेरिकी डाक सेवा (यूएसपीएस) की उपाध्यक्ष (मेल एंटरी एंड पेमेंट टेक्नोलॉजी) पृथा मेहरा ने कहा कि अमेरिकी डाक सेवा दिवाली के उपलक्ष्य में फॉरेवर डाक टिकट जारी कर गौरवान्वित  महसूस कर रहा है ।

Thursday, October 6, 2016

डाक टिकट प्रदर्शनी : पत्रों और डाक टिकटों का संवेदना से गहरा रिश्ता - डाक निदेशक केके यादव

हर डाक टिकट के पीछे एक कहानी छुपी हुई है और इस कहानी से आज की युवा पीढ़ी को जोड़ने की जरूरत है क्योंकि डाक टिकट उन्हें अपनी सभ्यता, संस्कृति, विरासत, पर्यावरण, महापुरुषों  और तमाम राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों से अवगत कराता है। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने डाक विभाग द्वारा पाली जिले में आयोजित दो दिवसीय डाक टिकट प्रदर्शनी 'पालीपेक्स -2016'  के  समापन समारोह में 6 अक्टूबर  2016  को मुख्य अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में व्यक्त किये। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव  ने कहा कि पत्रों और डाक टिकटों का संवेदना से गहरा रिश्ता है। डाक टिकट एक छोटा सा कागज का टुकड़ा भले ही दिखता है, पर इसका महत्व और कीमत दोनों ही काफी ज्यादा है। यही कारण है कि ई-मेल और सोशल मीडिया के इस दौर में भी आज हाथों से लिखे पत्रों और डाक टिकटों की लाखों-करोड़ों में नीलामी होती है। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव  ने प्रदर्शनी में सोजत की विश्व प्रसिद्ध मेंहदी  पर एक विशेष आवरण (लिफाफा) और विरूपण भी जारी किया। श्री यादव ने कहा कि पाली का सोजत नगर भारत में मेंहदी उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी है और शादी-विवाह से लेकर तमाम शुभ कार्यों में इसका बहुतायत से उपयोग होता है।  दुनिया भर के पर्यटकों से लेकर तमाम नामचीन हस्तियाँ तक सोजत की मेंहदी की खुशबू और इसकी कलात्मकता की मुरीद हैं। ऐसे में  5 रूपये मूल्य वर्ग में जारी इस विशेष आवरण को देश के तमाम प्रमुख फिलेटलिक ब्यूरो  में उपलब्ध कराया जायेगा।

पाली  मंडल के  डाक अधीक्षक श्री डी.आर. सुथार  ने कहा कि डाक विभाग भारत के सबसे पुराने विभागों में है और इस प्रकार की पहल फिलेटली को युवाओं के और नजदीक लाती है। डाक टिकट संग्रहण के महत्व को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि दुर्लभ टिकटों का संग्रहण बेशकीमती होता है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे श्री महेंद्र बोहरा, सभापति नगर परिषद पाली ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां निरंतर होती रहनी चाहिये, ताकि अधिक से अधिक लोग डाक टिकट संग्रह की अभिरुचि के प्रति आकर्षित हो सकें।







 पालीपेक्स-2016  के समापन अवसर पर डाक टिकट प्रदर्शनी प्रतियोगिता के विजेताओं को निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव द्वारा पुरस्कृत किया गया। इनमें  सीनियर सवंर्ग में  सर्वश्री शैलेष अग्रवाल, जुगल सोमानी व  मधुसूदन बिरला एवं जूनियर सवंर्ग में  सर्वश्री अमन काबरा, अनिरुद्ध  सराफ व सुखविंदर सिंह को क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। स्कूली विद्यार्थियों  हेतु आयोजित पत्र लेखन प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग में श्रेय मुद्गल, मुस्कान आचार्य व महान  परिहार एवम जूनियर वर्ग में प्रियंका वैष्णव, विवेक सिंह व योगेश को क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। डाक टिकट डिजाइन प्रतियोगिता में कक्षा 1-5 तक के वर्ग में चंचल लालर, जाह्नवी देवरा, एकलव्य शर्मा, कक्षा 6-8  तक के वर्ग में राहुल चौधरी, कोमल प्रजापत, सानिया सोडा एवम कक्षा 9 -12   तक के वर्ग में सुनील जांगिड़, कृष्ण सोनी व भगवत सिंह को क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। 



इस अवसर पर  श्री दिलीप नवलखा, उपप्रधानाचार्य, राजकीय बांगड महाविद्यालय, पाली, ज्यूरी सदस्य  श्री जगत किशोर परिहार  व श्री आर.के. भूतड़ा, सहायक डाक अधीक्षक सर्वश्री संग्राम भंसाली, पुखराज राठौड़, धर्मपाल सिंह, तरुण शर्मा, डाक निरीक्षक श्रवण कुमार भाटी, जयदेव यादव, शहनाज़ खान सहित तमाम फिलेट्लिस्ट, स्कूली विद्यार्थी और प्रबुद्धजन उपस्थित थे। आभार ज्ञापन पोस्टमास्टर श्री जेपाराम सेंगर द्वारा किया गया।