Wednesday, January 10, 2018

अब डाकघर में होगा बेरोजगार युवकों का पंजीकरण, जोधपुर प्रधान डाकघर में रोजगार पंजीकरण केंद्र का शुभारंभ

बेरोजगार युवाओं के लिए पहल करते हुए पोस्ट ऑफिस अब उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की सहूलियत भी प्रदान करेगा। इसी क्रम में राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के प्रथम रोजगार पंजीकरण केंद्र का शुभारंभ राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के पोस्टमास्टर जनरल श्री वी. सी. राय एवं निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने 09 जनवरी, 2018 को जोधपुर प्रधान डाकघर में किया। इस अवसर पर उन्होंने बेरोजगार युवक-युवतियों का रोजगार पंजीयन करवाकर रसीदें भी  सौंपी। 


इस अवसर पर राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के पोस्टमास्टर जनरल श्री वी. सी. राय ने कहा कि लोगों को रोजगार पंजीकरण के  लिए अब सेवायोजन या रोजगार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। डाक विभाग एवं श्रम व रोजगार मंत्रालय ने एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं,जिसके तहत डाकघर रोजगार पंजीकरण केंद्र के रूप में भी कार्य करेंगे। श्री राय ने कहा कि शीघ्र ही सभी प्रधान डाकघरों में रोजगार पंजीकरण केंद्र खोले जायेंगे,ताकि बेरोजगार युवकों को भटकना नहीं पड़े। 
राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री क़ृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर कहा कि बेरोजगार और अध्ययनरत युवक प्रधान डाकघर में नेशनल कैरियर सर्विस (www.ncs.gov.in) ऑनलाइन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। नए बेरोजगार पंजीकरण हेतु 15 रुपए, पंजीकृत प्रोफ़ाइल को अपडेट करवाने हेतु 5 रुपए और आवेदन-पत्र के प्रिन्टआउट के लिए 10 रुपए लगेंगे।  पंजीकरण होने के पश्चात डाकघर द्वारा एक प्रिन्टआउट दिया जाएगा जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य जानकारी दर्ज होगी। श्री यादव ने कहा कि यह पोर्टल नेट कनेक्टेड शहरी क्षेत्र तथा नॉन कनेक्टेड ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारों के बीच सेतु का कार्य करेगी। पंजीकरण हेतु किसी भी प्रकार के दस्तावेज बेरोजगार युवक-युवतियों को नहीं देने होंगे।  
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि यह पोर्टल रोजगार के इच्छुक,रोजगार प्रदाता,स्किल प्रोवाइडर्स, कैरियर काउन्सलर इत्यादि सभी के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध कराता है। इस पोर्टल पर पंजीकृत होने के बाद बेरोजगार युवक 52 सेक्टरों में उपलब्ध 3,000 तरह के व्यवसायों की अपडेट जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। पोर्टल के जरिये यह जानकारी भी मिलेगी की किस कोर्स के लिए कौन सा सैक्टर ठीक होगा तथा रोजगार के अवसर कहाँ उपलब्ध है। इसके जरिये स्किल डेवलेपमेंट तथा कैरियर विकल्प बताए जायेंगे। 

इस अवसर पर सीनियर पोस्टमास्टर आर.पी. कुशवाहा,उपाधीक्षक ओ.पी. सोडिया, सहायक डाक अधीक्षक पाल सिंह सिद्धू, विनय खत्री, राजेंद्र सिंह भाटी, डाक निरीक्षक पारस मल सुथार, विजय सिंह, राजेश व्यास सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।









Tuesday, January 9, 2018

राजस्थान में पाली जिले का प्रथम 'संपूर्ण बीमा ग्राम’ बना गरनिया गाँव, डाक निदेशक केके यादव ने वितरित किये पॉलिसी बॉण्ड

जीवन बीमा आज के दौर की एक अनिवार्य आवश्यकता है। डाक विभाग अपने सामाजिक सरोकारों के तहत ग्रामीण लोगों को भी जीवन बीमा देने के लिए प्रतिबद्ध है । उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने पाली जिले के जैतारण में स्थित गरनिया गाँव को 'संपूर्ण बीमा ग्राम' घोषित करने के अवसर पर आयोजित समारोह में  बतौर मुख्य अतिथि 08  जनवरी, 2018 को व्यक्त किए।  गाँव में सभी परिवारों को न्यूनतम एक ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसी जारी कर गरनिया पाली जिले का प्रथम संपूर्ण बीमा ग्राम बन गया है। गाँव में कुल 327 पॉलिसी जारी की गई हैं । 'संपूर्ण बीमा ग्राम' योजना को अक्टूबर माह में संचार मंत्री श्री मनोज सिन्हा ने आरम्भ किया था।  
इस अवसर पर निदेशक डाक सेवाएं  श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने यह कदम सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय समावेशन में अभिवृद्धि के प्रयासों के तहत किया है। इससे गाँव में रह रहे किसान एवं गरीब परिवारों को काफी फायदा होगा और उन्हें जीवन सुरक्षा मिलेगी। श्री यादव ने कहा कि 'सम्पूर्ण बीमा ग्राम योजना' के तहत प्रत्येक जिले में कम से कम सौ परिवारों वाले एक गाँव का चयन कर हर परिवार के एक व्यक्ति को ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना के अंतर्गत लाया जाएगा। इसके साथ ही सभी सांसद आदर्श ग्रामों को भी इसके तहत लिया जायेगा। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों हेतु विशेष रूप से  1995 में  'ग्रामीण डाक जीवन बीमा' आरम्भ की गई थी, ताकि बिना शहर जाये घर बैठे उन्हें इसका लाभ मिल सके।  

डाक  निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने नवीन टेक्नालॉजी अपनाते हुए कोर इंश्योरेंस सर्विस के तहत मैककेमिश सॉफ्टवेयर के माध्यम से बीमा सेवाओं को भी ऑनलाइन बनाया है। हाल ही में  'डाक जीवन बीमा' योजना का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। पहले मात्र सरकारी व अर्द्धसरकारी कर्मचारियों तक सीमित  डाक जीवन बीमा अब निजी शिक्षण संस्थाओं /विद्यालयों/महाविद्यालयों आदि के कर्मचारियों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, प्रबंधन सलाहकारों, चार्टेड एकाउंटेंट, वास्तुकारों, वकीलों, बैंकर  जैसे पेशेवरों और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज तथा बम्बई स्टॉक एक्सचेंज के सूचीबद्ध कम्पनी के कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध होगी। श्री यादव ने डाकघर में खुले समस्त खातों को आधार और मोबाईल नंबर से जोड़ने पर भी जोर दिया, जिससे भविष्य में आने वाली सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ग्राहकों को मिल सके।
पाली मंडल के डाक अधीक्षक डी.आर. सुथार ने कहा कि लोगों की आयु और आवश्यकता के हिसाब से ग्रामीण डाक जीवन बीमा की ग्राम संतोष, ग्राम सुमंगल, ग्राम सुरक्षा, ग्राम सुविधा, ग्राम प्रिया योजनायें हैं। न्यूनतम 10 हजार रूपये  से अधिकतम 10 लाख रूपये तक का बीमा इसमें किया जा सकता है। इसमें निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, आयकर में छूट, कम प्रीमियम व अधिक बोनस, पालिसी पर लोन की सुविधा, ऑनलाइन प्रीमियम जमा कराने की सुविधा और अग्रिम प्रीमियम पर छूट दी जाती है।
इस अवसर पर गरनिया ग्राम पंचायत  के सरपंच श्री गिरधारीलाल पन्नू ने डाक विभाग द्वारा  गरनिया ग्राम को "सम्पूर्ण बीमा ग्राम योजना" से जोड़ने की पहल की सराहना की। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने  बीमाधारकों को ग्रामीण डाक जीवन बीमा के पॉलिसी बांड सौंपकर उनके सुखी भविष्य की कामना की।  सहायक डाक अधीक्षक संग्राम भंसाली, तरुण कुमार शर्मा, डाक निरीक्षक श्रवण कुमार ,पारसमल सुथार, शाखा डाकपाल पवन कुमार सहित तमाम अधिकारीगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी इस अवसर पर उपस्थित रहे।


Tuesday, January 2, 2018

राजस्थान की 6 बावड़ियों सहित देश की 16 प्राचीन बावड़ियों पर डाक विभाग द्वारा डाक टिकट जारी

राजस्थान की कला-संस्कृति-विरासत और स्थापत्य कला सदैव डाक टिकटों पर प्रमुखता से स्थान पाती रही है। इसी क्रम में डाक विभाग ने देश की 16 प्राचीन बावड़ियों पर डाक टिकट जारी किए हैं, जिनमें  राजस्थान की छह (06) ऐतिहासिक बावड़ियाँ  शामिल हैं।  

इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ  श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि राजस्थान में जोधपुर के तूरजी का  झालरा  सहित जयपुर की पन्ना मियाँ की बावड़ी, आभानेरी की चांद बावड़ी, बूंदी की रानीजी की बावड़ी एवं नागर सागर कुंड और अलवर की नीमराना बावड़ी पर डाक टिकट जारी किये गए हैं। इनमें नीमराना बावड़ी व नागर सागर कुंड पर जारी डाक टिकट 15 रूपये के और शेष डाक टिकट 5 रूपये के हैं।  श्री यादव ने कहा कि इन डाक टिकटों के  प्राप्त होते ही शीघ्र ही सभी फिलेटलिक ब्यूरो के माध्यम से बिक्री के लिए जारी किया जायेगा। 
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि बावड़ियाँ प्राचीन काल से ही जल संरक्षण में अपना अहम योगदान देती रही हैं और इन डाक टिकटों के माध्यम से इस विरासत को जीवंत किया गया है।  इन बावड़ियों का निर्माण  बेहद खूबसूरती से किया गया है और आज भी ये बावड़ियाँ वास्तु और स्थापत्य कला की दृष्टि से मन मोह लेती हैं।  देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए बावड़ियाँ भी एक प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। 








Thursday, December 28, 2017

राजस्थान में बाड़मेर जिले का लुखू गाँव बना 'संपूर्ण बीमा ग्राम’, डाक विभाग ने दी सभी 151 परिवारों को ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसी

जीवन बीमा आज के दौर की एक अनिवार्य आवश्यकता है। डाक विभाग अपने सामाजिक सरोकारों के तहत ग्रामीण लोगों को भी जीवन बीमा देने के लिए प्रतिबद्ध है । उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बाड़मेर के लुखू गाँव को 'संपूर्ण बीमा ग्राम' घोषित करने के अवसर पर आयोजित समारोह में  बतौर मुख्य अतिथि, 27 दिसंबर, 2017 को व्यक्त किए।  गाँव में सभी परिवारों को न्यूनतम एक ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसी जारी कर लुखू बाड़मेर का प्रथम संपूर्ण बीमा ग्राम बन गया है। गाँव में कुल 151 पॉलिसी जारी की गई है| 'संपूर्ण बीमा ग्राम' योजना को अक्टूबर माह में ही संचार मंत्री श्री मनोज सिन्हा ने आरम्भ किया था।  
इस अवसर पर निदेशक डाक सेवाएं  श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने यह कदम सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय समावेशन में अभिवृद्धि के  प्रयासों के तहत किया है। इससे गाँव में रह रहे किसान एवं गरीब परिवारों को काफी फायदा होगा और उन्हें  जीवन सुरक्षा मिलेगी। श्री यादव ने कहा कि 'सम्‍पूर्ण बीमा ग्राम योजना' के तहत प्रत्‍येक जिले में कम से कम सौ परिवारों वाले एक गाँव का चयन कर हर परिवार के एक व्‍यक्ति को ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना के अंतर्गत लाया जाएगा। इसके साथ ही सभी सांसद आदर्श ग्रामों को भी इसके तहत लिया जायेगा। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों हेतु विशेष रूप से  1995 में  'ग्रामीण डाक जीवन बीमा' आरम्भ की गई थी, ताकि बिना शहर जाये घर बैठे उन्हें इसका लाभ मिल सके।  
डाक  निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने नवीन टेक्नालॉजी अपनाते हुए कोर इंश्योरेंस सर्विस के तहत मैककेमिश सॉफ्टवेयर के माध्यम से बीमा सेवाओं को भी ऑनलाइन बनाया है। हाल ही में  'डाक जीवन बीमा' योजना का दायरा भी बढ़ा दिया है। पहले मात्र सरकारी व अर्द्धसरकारी कर्मचारियों तक सीमित  डाक जीवन बीमा अब निजी शिक्षण संस्थाओं /विद्यालयों/महाविद्यालयों आदि के कर्मचारियों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, प्रबंधन सलाहकारों, चार्टेड एकाउंटेंट, वास्तुकारों, वकीलों, बैंकर  जैसे पेशेवरों और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज तथा बम्बई स्टॉक एक्सचेंज के सूचीबद्ध कम्पनी के कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध होगी। श्री यादव ने डाकघर में खुले समस्त खातों को आधार और मोबाईल नंबर से जोड़ने पर भी जोर दिया, जिससे भविष्य मे आने वाली सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ग्राहकों को मिल सके।
बाड़मेर मंडल के डाक अधीक्षक श्री कानसिंह राजपुरोहित ने कहा कि लोगों की आयु और आवश्यकता के हिसाब से ग्रामीण डाक जीवन बीमा की ग्राम संतोष, ग्राम सुमंगल, ग्राम सुरक्षा, ग्राम सुविधा, ग्राम प्रिया योजनायें हैं। न्यूनतम 10 हजार रूपये  से अधिकतम 10 लाख रूपये तक का बीमा इसमें किया जा सकता है। इसमें निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, आयकर में छूट, कम प्रीमियम व अधिक बोनस, पालिसी पर लोन की सुविधा, ऑनलाइन प्रीमियम जमा कराने की सुविधा और अग्रिम प्रीमियम पर छूट दी जाती है।

इस अवसर पर लुखू ग्राम पंचायत के सरपंच श्री मोटाराम गुलिया ने डाक विभाग द्वारा  लुखू ग्राम को "सम्पूर्ण बीमा ग्राम योजना" से जोड़ने की पहल की सराहना की। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर अतिथियों संग बीमाधारकों को ग्रामीण डाक जीवन बीमा के पॉलिसी बांड भी सौंपे।  इस अवसर पर ग्रामवासियों ने डाक निदेशक श्री यादव का परम्परागत रूप से साफा पहनाकर और तिलक व् पुष्पाहार से स्वागत भी किया। 
सहायक डाक अधीक्षक कृतिका पालीवाल, डाक निरीक्षक पारसमल सुथार, पंकज बोहरा, दीपक कुमार, देवाराम सुथार, कुनाल कुमार नायक, शाखा डाकपाल मदनलाल गौड़ सहित तमाम अधिकारीगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।



Monday, December 25, 2017

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ : जैसलमेर जिले का अमर सागर गाँव बना “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम”

आज का दौर बेटियों का है। बेटियाँ पढेंगी तो बेटियां बढ़ेंगी, पर इसके लिए जरुरी है कि उनकी उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त प्रबंध किये जाएँ। 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के तहत ही डाकघरों में सुकन्या समृद्धि योजना आरंभ की गयी है। उक्त उदगार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में जैसलमेर जिले के अमर सागर गाँव को “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” घोषित करने के अवसर पर 24 दिसंबर, 2017 को आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किये। 
इस अवसर पर गाँव की दस साल तक की सभी 125 बालिकाओं के सुकन्या समृद्धि  खाते खोले गए। निदेशक डाक सेवाएं श्री क़ृष्ण कुमार यादव ने बताया कि कोर बैंकिंग सेवा से जुड़ने के बाद डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) योजना के तहत अब डाकघर बचत खातों में 'गैस सब्सिडी' और 'प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना' की राशि भी जमा होगी।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ निवेश का एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। इस योज़ना के आर्थिक के साथ साथ सामाजिक आयाम भी महत्वपूर्ण हैं। ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ बेटियों के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसमें जमा धनराशि पूर्णतया बेटियों के लिए ही होगी, जो उनकी शिक्षा, कैरियर  एवं विवाह में उपयोगी होगी।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही जिला प्रमुख श्रीमती अंजना मेघवाल ने कहा कि आज समाज में बेटियां गर्व का  विषय हैं। बेटियां समाज में नित नए मुकाम हासिल कर रही हैं । उन्होंने दृष्टांत के रूप में अपनी छः बहनों की सफलता का उदाहरण भी दिया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में जैसलमेर विधायक श्री छोटू सिंह ने कहा कि बेटा - बेटी का भेद समाज के लिए अभिशाप है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के माध्यम से नारी सशक्तिकरण की नई इबारत लिखी है। उन्होंने कहा कि हमारे गाँव की सरपंच से लेकर जिला प्रमुख और प्रदेश की मुख्यमंत्री तक महिलायें है और यही तस्वीर नए भारत की प्रगति लिखेगी।

इस अवसर पर जोधपुर मण्डल के प्रवर अधीक्षक डाकघर श्री बी. आर. सुथार ने कहा कि जैसलमेर के अन्य गाँवों को भी इस योजना से जोड़ते हुए “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बनाये जायेंगे।

अमर सागर  गाँव की  सरपंच कुमारी लता माली ने कहा कि ग्रामवासियों के लिए यह अत्यन्त गर्व की बात है कि  “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बनकर अमर सागर  गाँव  “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को मूर्त रूप दे रहा है।
इस अवसर पर अतिथियों ने बालिकाओं को पासबुकें व उपहार देकर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की। इस अवसर पर पूर्व सरपंच श्री देवका राम माली, डाक निरीक्षक सुमित सैनी, पारसमल सुथार, महावीर सैनी, हेड पोस्टमास्टर जैसलमेर किशना राम गर्ग, शाखा डाकपाल जवानाराम, बाबू सिंह सहित तमाम स्थानीय जनप्रतिनिधि व गाँववासी उपस्थित रहे।



बेटियों के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही  'सुकन्या समृद्धि योजना' -डाक निदेशक केके यादव
जैसलमेर जिले का ‘अमर सागर ’ गाँव बना “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम”,
डाक निदेशक से लेकर विधायक, जिला प्रमुख और  सरपंच ने भी बेटियों को दिया आशीर्वाद 

Monday, December 11, 2017

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की राशि अब डाकघर के खाते में, आधार नंबर से करवाना होगा अपडेट - डाक निदेशक केके यादव

कोर बैंकिंग सेवा से जुड़ने के बाद अब डाकघर बचत खातों में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) की राशि जमा होगी। इसके लिए गर्भवती और स्तनपान करने वाली माताओं को डाकघर में बचत खाता खुलवाकर आधार नंबर से अपडेट करवाना होगा।

इस संबंध में जानकारी देते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री क़ृष्ण कुमार यादव ने बताया कि केंद्र सरकार की डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) योजना के तहत प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत दी जाने वाली राशि अब डाकघर के बचत खाते में भी सीधी जमा होगी। इस योजना के अंतर्गत सरकार पहले जीवित बच्चे के जन्म के लिए गर्भवती और स्तनपान करने वाली माताओं को 6,000 रुपए की सहायता प्रदान करवाती है। इसके लिए माताओं को डाकघर में बचत खाता खुलवाकर आधार नंबर से अपडेट करवाना होगा। इसके  तहत 6,000 रुपये की राशि महिलाओं के सीधे खाते में आएगी जिसे तीन बार की किस्त में दिया जाएगा। 

पहली किस्त: 1000 रुपए गर्भावस्था के पंजीकरण के समय
दूसरी किस्त: यदि लाभार्थी छह महीने की गर्भावस्था के बाद कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच कर लेते हैं तो 2,000 रुपए मिलेंगे।
तीसरी किस्त: जब बच्चे का जन्म पंजीकृत हो जाता है और बच्चे को BCG, OPV, DPT और हेपेटाइटिस-B सहित पहले टीके का चक्र शुरू होता है।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) निम्न श्रेणी के गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए लागू नहीं होगी।
1. जो केंद्रीय या राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के साथ नियमित रोजगार में हैं।
2. जो किसी अन्य योजना या कानून के तहत समान लाभ प्राप्तकर्ता हैं।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत फायदा लेने के लिए महिलाएं गर्भवस्था के दौरान पास की किसी आंगनवाड़ी में जाकर आवेदन कर सकतीं हैं। जिसके लिए उन्हें  अपने आधार कार्ड के साथ  खाते की जानकारी देनी होगी। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत उन्हें वक्त वक्त पर अपना चैकअप कराना होगा।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत खाते खुलवाने हेतु डाकघरों को विशेष कैंप लगाने हेतु निर्देश दिये गए है। सभी पोस्टमैन एवं ग्रामीण डाक सेवकों को भी निर्देश दिये गए हैं  कि डाक वितरण के दौरान लोगों को इस संबंध में जागरूक करें तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाडी और आशा कार्यकर्ताओं से संपर्क कर गर्भवती और स्तनपान करने वाली माताओं के खाते खुलवायें जिससे योजना की राशि सीधी उनके खाते में जमा हो सके। 

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए सरकार ने जनवरी 2017 और मार्च 2020 तक के लिए 12,661 करोड़ का बजट बनाया है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में 12661 करोड़ रुपये में से लगभव आठ करोड़ रुपये राज्य सरकार को दिए जाएंगे ताकि वो इस योजना को लोगों तक ज्यादा से ज्यादा पहुंचा सकें।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 31 दिसंबर तक डाकघर के प्रत्येक खाते एवं बचत पत्र को आधार नंबर से लिंक करवाना अनिवार्य है। उन्होने सभी से इसे तय सीमा के भीतर अपडेट कराने हेतु अपील भी की, ताकि भविष्य में लेन-देन में परेशानियों का सामना न करना पड़े।  






Pradhan Mantri Matritva Vandana Yojana