देश में कोरोना महामारी से उत्पन्न संकट काल में डाकियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। सरकार ने कोरोना के संक्रमण से समाज के अंतिम व्यक्ति को बचाने की पहल करते हुए उनके घर पर ही पैसे निकालने की सुविधा दी है और इसमें डाक विभाग इसमें अहम भूमिका निभा रहा है। लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, यदि आपका किसी भी बैंक में खाता है और आप लॉकडाउन के चलते वहाँ पैसे निकालने के लिए नहीं जा पा रहे हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है। अब आप घर बैठे अपने इलाके के डाकिया के माध्यम से अपने बैंक खाते से पैसे निकाल सकते हैं।
डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, भारतीय डाक विभाग के अधीन इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की "आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) सेवा" के तहत इसका लाभ उठाया जा सकता है। डाकिया अपने माइक्रो एटीएम के माध्यम से यह डोर-स्टेप सुविधा प्रदान कर रहा है। बस आपका खाता आधार और मोबाईल नंबर से लिंक होना चाहिए। इसमें एक दिन में अधिकतम दस हजार रूपये निकाले जा सकते हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार का चार्ज नहीं लिया जायेगा।
डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, भारतीय डाक विभाग के अधीन इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की "आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) सेवा" के तहत इसका लाभ उठाया जा सकता है। डाकिया अपने माइक्रो एटीएम के माध्यम से यह डोर-स्टेप सुविधा प्रदान कर रहा है। बस आपका खाता आधार और मोबाईल नंबर से लिंक होना चाहिए। इसमें एक दिन में अधिकतम दस हजार रूपये निकाले जा सकते हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार का चार्ज नहीं लिया जायेगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत विभिन्न योजनाओं में डीबीटी के तहत इस समय लोगों के खातों में राशि जमा कर रही है। पर लॉकडाउन के चलते तमाम लोग इसे बैंक या एटीएम जाकर तुरंत निकालने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने अपने पत्र के माध्यम से शासकीय योजनाओं में लाभान्वित लाभार्थियों को डोर-स्टेप /अपने ग्राम में धनराशि आहरण हेतु इस सेवा का लाभ उठाने हेतु सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। यह व्यवस्था लॉक डाउन के दौरान लोगों की आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति तथा बैंकों में भीड़ को रोकने के दृष्टिगत की गई है। तदनुसार जिलाधिकारियों द्वारा ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत सचिवों को संबंधित डाकघर से समन्वय कर सहयोग करने व अधिक से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित करने हेतु ग्रामवासियों को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में लॉक डाउन के दौरान अब तक 65 हजार से अधिक लाभार्थियों ने लगभग 13 करोड़ की राशि डाक विभाग के माध्यम से अपने विभिन्न बैंक खातों से निकाली। डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, माइक्रो एटीएम से गाँव में पैसे निकासी के समय सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखने तथा इस दौरान डाककर्मियों के साथ-साथ लाभार्थियों को मास्क या तौलिया के द्वारा मुँह ढके रहने और हैण्डवाश हेतु साबुन व हैण्ड सैनिटाइजर की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये गए हैं।
उत्तर प्रदेश में लॉक डाउन के दौरान अब तक 65 हजार से अधिक लाभार्थियों ने लगभग 13 करोड़ की राशि डाक विभाग के माध्यम से अपने विभिन्न बैंक खातों से निकाली। डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, माइक्रो एटीएम से गाँव में पैसे निकासी के समय सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखने तथा इस दौरान डाककर्मियों के साथ-साथ लाभार्थियों को मास्क या तौलिया के द्वारा मुँह ढके रहने और हैण्डवाश हेतु साबुन व हैण्ड सैनिटाइजर की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये गए हैं।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थी घर बैठे उठा रहे लाभ :-
डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं में सहायता राशि लाभार्थियों को उनके घर पर प्रदान की जा रही है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत संचालित वृद्धावस्था / किसान पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन एवं दिव्यांगजन पेंशन योजना सहित भारत सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं यथा-प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, किसान समृद्धि योजना, मनरेगा, उज्ज्वला, निक्षय भारत योजना के अंतर्गत टी.बी के मरीज़, प्रधान मंत्री मातृत्व वंदन योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलायें, पंजीकृत श्रमिक, जनधन योजना के के खाताधारक डाक विभाग की इस अनूठी पहल का घर बैठे लाभ उठा रहे हैं।
माइक्रो एटीएम से ऐसे निकलती है राशि :-
निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इस सुविधा हेतु डाकिया सबसे पहले लाभार्थी का मोबाइल नंबर अपने मोबाइल फोन के एप माइक्रो एटीएम इंड यूजर में दर्ज करेगा। नंबर दर्ज होते ही लाभार्थी के पास एक ओटीपी आएगा, जिससे उसका सत्यापन होगा। डाकिया इस ओटीपी को पूछकर अपने मोबाइल एप पर डालेगा। इसके बाद लाभार्थी का आधार नंबर लेकर डाकिया माइक्रो एटीएम पर दर्ज करेगा और इस पर लाभार्थी का थंब इम्प्रेशन लेकर उस बैंक का नाम पूछेगा, जिसमें उसका खाता है। बैंक का नाम दर्ज होते ही खाते की पूरी डिटेल डाकिया के मोबाइल फोन में खुल जाएगी, जिसके बाद लाभार्थी से रकम पूछने के बाद उसे अपने मोबाइल फोन में दर्ज करेगा और थम्ब इम्प्रेशन लेते ही रकम उसे थमा देगा। इसके बाद लाभार्थी के बैंक खाते में दर्ज मोबाइल फोन पर कितना पैसा निकाला है, उसकी जानकारी आ जाएगी।
लॉकडाउन में डाकिया बना चलता-फिरता एटीएम, माइक्रो-एटीएम के माध्यम से लोग घर बैठे निकाल रहे अपने बैंकों से पैसे
डाक विभाग की अनूठी पहल का लोग उठा रहे फायदा, एक दिन में 10 हजार रुपये तक निकालने की सुविधा, कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं
उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को डाक विभाग की इस अनूठी सेवा का उपयोग करने के दिए निर्देश, बैंकों में भीड़ से बचने और सोशल डिस्टेंसिंग में फायदेमंद





























































