Wednesday, December 9, 2015

डाक टिकटों का शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने में अहम योगदान - डाक निदेशक केके यादव

डाक विभाग द्वारा दो दिवसीय जोधपुर डाक टिकट प्रदर्शनी जोधापेक्स -2015 का समापन समारोह 8 दिसंबर 2015 को सोहन लाल मनिहार बालिका सीनियर सेकेण्डरी विद्यालय, सिवांची गेट, जोधपुर के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने राजस्थान की पहचान ब्लू सिटी जोधपुर पर एक विशेष आवरण और विरूपण जारी  किया, वहीं  विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव  ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि डाक टिकटों का शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने में अहम योगदान है। डाक टिकटों  के साथ जारी विवरणिका जहाँ सम्बन्धित विषयवस्तु के बारे में विस्तृत जानकारी देती है, वहीं हर डाक टिकट एक अहम एवं समकालीन विषय को उठाकर वर्तमान परिवेश से इसे जोड़ता है। डाक टिकटों से देश-विदेश की धरोहर, प्रगति और समसामयिक घटनाओं का सचित्र दिग्दर्शन होता है। इससे युवाओं  और बच्चों को ज्ञान के साथ-साथ एक अच्छी हॉबी अपनाने की प्रेरणा भी मिलेगी। डाक टिकटों के संग्रहण की आदत शैक्षणिक उन्नयन के साथ -साथ कम खर्च में भी आने वाले समय में एक अच्छी आय का जरिया भी बन सकती है। उन्होंने कहा कि जोधपुर में फिलेटली के विकास की अपर संभावनाएं हैं।  


इस अवसर पर राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने राजस्थान की पहचान ब्ल्यू सिटी जोधपुर पर विशेष आवरण और विरूपण जारी किया। इस आवरण पर जोधपुर शहर के भीतरी परकोटे के नीले रंग से रंगे  मकानों का विहंगम दृश्य दिखाया गया है, वहीं विरूपण में जोधपुर दुर्ग के झरोखे का प्रतीक चिन्ह दर्शाया गया है। श्री यादव ने कहा कि जोधपुर  ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से अपनी विशिष्ट पहचान रखता है अतः इस अवसर पर डाक विभाग इस पर विशेष आवरण जारी करते हुए गौरवान्वित महसूस करता है। देश-दुनिया भर के पर्यटकों से लेकर तमाम फिल्मों में भी इस ब्लू सिटी का क्रेज रहा है और अब डाक विभाग के इस  विशेष आवरण के माध्यम से भी इसकी विशिष्ट पहचान में इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि 5 रूपये में उपलब्ध ब्लू सिटी वाले इस विशेष लिफाफे पर माई स्टैम्प के तहत जारी अपनी फोटो वाला डाक टिकट लगाकर देश-दुनिया में अपनों को पत्र भेजने का रोमांच ही कुछ अलग होगा और यह जोधपुरवासियों व यहाँ  आने वाले पर्यटकों दोनों के लिए  एक विशेष तोहफा भी होगा।

 जोधपुर मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक पी.आर. कडेला ने कहा कि डाक विभाग भारत के सबसे पुराने विभागों में है और इस प्रकार की पहल फिलेटली को युवाओं के और नजदीक लाती है। डाक टिकट संग्रहण के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि दुर्लभ टिकटों का संग्रहण बेशकीमती होता है।

सोहन लाल मनिहार बालिका सीनियर सेकेण्डरी विद्यालय के  प्रधानाचार्य विद्यार्थी कल्ला ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां निरंतर होती रहनी चाहिये, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी डाक टिकट संग्रह की अभिरुचि के प्रति आकर्षित हो सकें।

जोधापेक्स-2015 के समापन अवसर पर डाक टिकट प्रदर्शनी लगाने वाले एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव द्वारा पुरस्कृत किया गया। इनमें डाक टिकट प्रदर्शनी में सीनियर सवंर्ग में  वाई॰ के॰ एल॰ माथुर को प्रथम,  प्रवीण परिहार को द्वितीय एवं  जगत किशोर परिहार को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। डाक टिकट प्रदर्शनी में जूनियर सवंर्ग में  कार्तिक परिहार,  गर्वित माथुर एवं रूपाली राकेचा को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। बच्चों हेतु आयोजित पत्र लेखन प्रतियोगिता में पारुल वाजपेयी, यशस्विनी एवं शाजिया तथा डाक टिकट डिजायन प्रतियोगिता  में कृति व्यास, भूमिका सोलंकी एवं अनिल पँवार को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।



 प्रदर्शनी के दूसरे दिन भी माई स्टैम्प के तहत अपनी फोटो डाक टिकटों पर देखने का उत्साह लोगों में बना रहा। प्रदर्शनी के दौरान 400  से ज्यादा लोगों ने अपनी डाक टिकटें बनवायीं।

   इस अवसर पर  ज्यूरी सदस्य  राजेश पहाडि़या और आर.के. भूतड़ा, सीनियर पोस्टमास्टर एच.आर. राठौड़ डाक उपाधीक्षक जय सिंह, सहायक अधीक्षक विनय खत्री, उदय शेजु, तरुण शर्मा, राजेंद्र भाटी, सुदर्शन सामरिया  सहित डाक विभाग के तमाम अधिकारी-कर्मचारी, फिलेटिलिस्ट एवं विभिन्न स्कूलों से आये बच्चे व उनके अभिभावक व अध्यापक इत्यादि उपस्थित रहे।




















Monday, December 7, 2015

जोधापेक्स-2015 में दिखी डाक टिकटों की समृद्ध परम्परा, 15 से ज्यादा देशों के डाक टिकट हुए प्रदर्शित


डाक विभाग द्वारा दो दिवसीय जोधपुर डाक टिकट प्रदर्शनी ‘जोधापेक्स-2015’ का शुभारम्भ 7 दिसंबर 2015 को सोहन लाल मनिहार बालिका सीनियर सेकेण्डरी विद्यालय, सिवांची गेट, जोधपुर के सभागार में किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन फीता काटकर और द्वीप प्रज्वलित कर राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर की पोस्टमास्टर जनरल  शिउली बर्मन और निदेशक डाक सेवाएँ  कृष्ण कुमार यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर राजस्थान के राजकीय वृक्ष 'खेजड़ी' पर एक विशेष आवरण और विरूपण भी जारी किया गया। 


इस अवसर पर राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर की पोस्टमास्टर जनरल शिउली बर्मन  ने  कहा कि डाक टिकट संग्रह के शौक को आज के दौर में देश के युवा वर्ग एवं बच्चों तक ले जाने की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से इस कार्य में सक्रिय सहभागिता का भी आह्वान किया। माई स्टैम्प सेवा के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने इससे लोगों को जोड़ने की अपील की। 


 अपने  अध्यक्षीय  सम्बोधन में राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के  निदेशक डाक सेवाएँ  कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि हर डाक टिकट के पीछे एक कहानी छुपी हुई है और इस कहानी से आज की युवा पीढ़ी को जोड़ने की जरूरत है क्योंकि डाक टिकट उन्हें अपनी सभ्यता, संस्कृति, विरासत, पर्यावरण, महापुरुषों  और तमाम राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों से अवगत कराता है। उन्होंने कहा कि फिलेटली को 'शौकों का राजा' और 'राजाओं  का शौक' कहा जाता है। आज भी दुनिया में डाक टिकटों का सबसे बड़ा संग्रह ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के पास है। डाक टिकटों का जनक भी ब्रिटेन के रोलैण्ड हिल को कहा जाता है, जिनके सुझाव पर 6 मई 1840 को विश्व का प्रथम डाक टिकट ‘पेनी ब्लैक’ ब्रिटेन द्वारा जारी किया गया। 

 डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने डाक टिकटों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि भारत का पहला डाक टिकट 1 जुलाई, 1852 को जारी आधा आने का ‘सिंदे डाक’ था, जिसकी कीमत अब लाल, नीले और सफेद रंग में क्रमश : 35 लाख, 10 लाख और 4 लाख रूपये आंकी जाती है। डाक टिकट एक छोटा सा कागज का टुकड़ा भले ही दिखता है, पर इसका महत्व और कीमत दोनों ही इससे काफी ज्यादा है। निदेशक श्री यादव ने दुनिया के सबसे महँगे डाक टिकट का जिक्र करते हुए बताया कि विश्व का सबसे मँहगा और दुर्लभतम  डाक-टिकट ब्रिटिश गुयाना द्वारा  सन् 1856 में जारी किया गया एक सेण्ट का डाक-टिकट है। कभी एक बच्चे को रद्दी में मिला यह डाक टिकट 18 जून 2014 को रिकॉर्ड 9.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर में बिका। श्री यादव ने कहा कि डाक टिकट और पत्र कभी भी पुराने नहीं होते, बल्कि उनकी कीमत दिनों-ब-दिन बढ़ती जाती है। यही कारण है कि ई-मेल और सोशल मीडिया के इस दौर में भी आज हाथों से लिखे पत्रों और डाक टिकटों की लाखों-करोड़ों में नीलामी होती है। 

     राजस्थान के राजकीय वृक्ष ''खेजड़ी'' पर विशेष आवरण और विरूपण जारी  करने  के उद्देश्य को रेखांकित  करते  हुए डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि यह सिर्फ एक वृक्ष ही नहीं है, बल्कि इसके पीछे बलिदान और आत्मोत्सर्ग का भाव भी छुपा हुआ है। आज पूरे विश्व में जिस तरह से पर्यावरण को लेकर चिंता जताई जा रही है, ऐसे में खेजड़ली गाँव में खेजड़ी वृक्ष को लेकर जिस तरह से सन 1730 में स्थानीय लोगों ने आंदोलन किया और हुकूमत को भी झुकने को मजबूर कर दिया, वह आने वाली अनेक शताब्दियों तक पूरी दुनिया में प्रकृति प्रेमियों में नयी प्रेरणा और उत्साह का संचार करता रहेगा। 5 रूपये में जारी इस विशेष आवरण (लिफाफा) को देश के तमाम फिलेटलिक ब्यूरो में उपलब्ध कराया जायेगा। 

         प्रदर्शनी में शहर के फिलेटलिस्टों द्वारा कुल 40 फ्रेमों में देश-विदेश के हजारों  डाक टिकटों की प्रदर्शनी लगायी गयी। पंद्रह से ज्यादा देशों के डाक  टिकटों के अलावा,  1947 में जारी स्वतंत्र भारत के पहले डाक टिकट तिरंगा, राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, सैन्य सेवाओं, समुद्री जीवन, बालिका-सशक्तिकरण, जोधपुर और राजस्थान से संबंधित विषयों पर जारी डाक-टिकट से लेकर अन्तरिक्ष, पर्यावरण और जैव विविधता के प्रति जागरूक करते तमाम रंग-बिरंगे डाक-टिकट व डाक-स्टेशनरी  प्रदर्शित किये गये। प्रदर्शनी में वरिष्ठ फिलेटलिस्टों के अलावा तमाम बच्चों ने भी अपने डाक-टिकटों का प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि जोधपुर  में 3  वर्ष बाद इस तरह की प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इससे पूर्व वर्ष 2012  में डाक टिकट प्रदर्शनी आयोजित हुयी थी। 

   डाक विभाग की ''माई स्टैम्प'' सेवा के प्रति प्रदर्शनी के दौरान लोगों में काफी उत्साह देखा गया। हर कोई मात्र 300 रूपये में अपनी और अपने प्रियजनों की फोटो डाक टिकट पर देखने को लालायित था। बच्चों हेतु ’पत्र लेखन’ व ’डिजाइन ए स्टैम्प’ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। बच्चों ने जहाँ डाक टिकट प्रदर्शनी का आनंद लिया, वहीं फिलेटलिक डिपाजिट एकाउण्ट भी खोले, जिससे उन्हें घर बैठे रंग-बिरंगी नई डाक टिकटें प्राप्त हो सकेंगी। 

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत जोधपुर मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक पी. आर. कड़ेला, आभार ज्ञापन प्रधानाचार्य विद्यार्थी कल्ला  और संचालन सहायक अधीक्षक विनय खत्री द्वारा किया गया। इस अवसर पर महेश शिक्षण संस्थान के सचिव हरिगोपाल राठी, मारवाड फिलेटलिक एसोसिएशन के अध्यक्ष जगत किशोर परिहार, ज्यूरी सदस्य  राजेश पहाड़िया और आर.के. भूतड़ा, सीनियर पोस्टमास्टर एच.आर. राठौड़, डाक उपाधीक्षक जय सिंह,  रश्मि काबरा, उदय शेजु, तरुण शर्मा, राजेंद्र भाटी, सुदर्शन सामरिया  सहित डाक विभाग के तमाम अधिकारी-कर्मचारी, फिलेटिलिस्ट एवं विभिन्न स्कूलों से आये बच्चे व उनके अभिभावक व अध्यापक इत्यादि उपस्थित रहे।  


























Saturday, December 5, 2015

जोधपुर में डाक टिकट प्रदर्शनी "जोधपेक्स-2015" का 7-8 दिसंबर को आयोजन


भारतीय डाक विभाग द्वारा जोधपुर में सातवीं जिलास्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी ''जोधापेक्स-2015'' का आयोजन सोहन लाल मनिहार बालिका सीनियर सेकेण्डरी विद्यालय, सिवांची गेट, जोधपुर के सभागार में 7 व 8 दिसम्बर (सोमवार और मंगलवार) 2015 को किया जायेगा। इसमें शहर के तमाम फिलेटलिस्टों द्वारा दुर्लभ डाक टिकटों की प्रदर्शनी के अलावा राजस्थान के राजकीय वृक्ष खेजड़ी और ब्लू सिटी जोधपुर पर विशेष आवरण और विरूपण जारी किया जायेगा। इसके अलावा बच्चों के लिए के डाक टिकट डिजाइन प्रतियोगिता व  पत्र लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जायेगा। 


प्रदर्शनी का उद्घाटन राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक  डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव द्वारा 7 दिसम्बर को प्रातः 10 बजे किया जायेगा । उक्त जानकारी देते हुए जोधपुर मंडल  के प्रवर  डाक अधीक्षक पी.आर. कडेला ने बताया कि प्रदर्शनी दोनों दिन  सुबह 10 बजे से सायं 5 बजे तक लोगों के अवलोकनार्थ  खुली रहेगी। इस दौरान फिलेटलिक डिपाजिट अकाउंट खोलने, माई स्टैम्प की सुविधा और फिलेटलिक वर्कशॉप का भी आयोजन किया जायेगा, ताकि बच्चे और युवा पीढ़ी के लोग भी  डाक टिकट संग्रह को अभिरुचि के तौर पर विकसित कर सकें।



Friday, December 4, 2015

अब पोस्टमैन सिखाएंगे ग्रामीण लोगों को बैंकिंग के गुर

भारतीय डाक विभाग ने नए जमाने की जरूरतों के अनुसार  कई बदलाव करने शुरू कर दिए हैं। जहां एक ओर डाक विभाग ने खुद को बैंकिंग सर्विस में बदल लिया है वहीं अब सरकार पोस्टमैन की भूमिका को बदलना चाह रही है। सरकार चाहती है कि अब पोस्टमैन गांव के लोगों में बैंकिंग सर्विसेज के इस्तेमाल से संबंधित जानकारी दें।

इसके तहत ’डाकघर को वित्तीय साक्षरता केंद्र में बदलने की योजना है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार हम साप्ताहिक साक्षरता शिविर आयोजित करेंगे और कुछ चुने हुए कर्मचारियों को वित्तीय साक्षरता पर बैंकों द्वारा विकसित कार्यक्रम का प्रशिक्षण दिया जाएगा।’ सरकार वित्तीय समावेश की नई रणनीति के तौर पर एक संगठित कार्यक्रम विकसित करने पर काम कर रही है। इसके तहत बैंक डाक विभाग की सेवा का इस्तेमाल करने के लिए शुल्क देगा।

भारतीय डाक को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा हाल ही में पेमेंट बैंक लाइसेंस के लिए सैद्धांतिक रूप से मंजूरी मिली है। अस्थायी तौर पर इसका नाम ’इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक’ रखा गया है, शुरू में इसके पास 300 करोड़ रुपए की पूंजी होगी। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 18.86 करोड़ खाते खुल गए हैं जिसमें करीब 25,700 करोड़ रुपए जमा हैं। इनमें से करीब 40 फीसदी खातों में 0 बैलेंस है। हम चाहते हैं कि उनमें बैंकिंग की आदत विकसित हो और उनकी क्रेडिट हिस्ट्री बने और अन्य सेवाओं का इस्तेमाल करें।’

Thursday, December 3, 2015

पोस्टमैन और अपाहिज बालिका

एक पोस्टमैन ने एक घर के दरवाजे पर दस्तक देते हुए कहा,
"चिट्ठी ले लीजिये।
"अंदर से एक बालिका की आवाज आई,"
आ रही हूँ।" लेकिन तीन-चार मिनट तक कोई न आया
तो पोस्टमैन ने फिर कहा,
"अरे भाई! मकान में कोई है क्या,
अपनी चिट्ठी ले लो। 
"लड़की की फिर आवाज आई,
"पोस्टमैन साहब, दरवाजे के नीचे से चिट्ठी अंदर डाल दीजिए,
मैं आ रही हूँ।
"पोस्टमैन ने कहा, "नहीं, मैं खड़ा हूँ, रजिस्टर्ड चिट्ठी है, पावती पर तुम्हारे साइन चाहिये।"
करीबन छह-सात मिनट बाद दरवाजा खुला।
पोस्टमैन इस देरी के लिए झल्लाया हुआ तो था ही और उस पर चिल्लाने वाला था ही,
लेकिन दरवाजा खुलते ही वह चौंक गया,
सामने एक अपाहिज कन्या जिसके पांव नहीं थे, सामने खड़ी थी। 
पोस्टमैन चुपचाप पत्र देकर और उसके साइन लेकर चला गया।
हफ़्ते, दो हफ़्ते में जब कभी उस लड़की के लिए डाक आती, 
पोस्टमैन एक आवाज देता और जब तक वह कन्या न आती तब तक खड़ा रहता।
एक दिन उस कन्या ने पोस्टमैन को नंगे पाँव आता देखा।
दीपावली नजदीक आ रही थी।
उसने सोचा पोस्टमैन को क्या ईनाम दूँ। एक दिन जब पोस्टमैन डाक देकर चला गया,
तब उस लड़की ने, जहां मिट्टी में पोस्टमैन के पाँव के निशान बने थे, उन पर काग़ज़ रख कर उन पाँवों का चित्र उतार लिया।
अगले दिन उसने अपने यहाँ काम करने वाली बाई से उस नाप के जूते मंगवा लिये।
दीपावली आई और उसके अगले दिन पोस्टमैन ने गली के सब लोगों से तो ईनाम माँगा और सोचा कि अब इस बिटिया से क्या इनाम लेना?
पर गली में आया हूँ तो उससे मिल ही लूँ। उसने दरवाजा खटखटाया।
अंदर से आवाज आई, "कौन?" पोस्टमैन,उत्तर मिला।
बालिका हाथ में एक गिफ्ट पैक लेकर आई और कहा,
"अंकल,मेरी तरफ से दीपावली पर आपको यह भेंट है।"
पोस्टमैन ने कहा,"तुम तो मेरे लिए बेटी के समान हो, तुमसे मैं गिफ्ट कैसे लूँ?"
कन्या ने आग्रह किया कि मेरी इस गिफ्ट के लिए मना नहीं करें।
"ठीक है कहते हुए पोस्टमैन ने पैकेट ले लिया। बालिका ने कहा, "अंकल इस पैकेट को घर ले जाकर खोलना। घर जाकर जब उसने पैकेट खोला तो विस्मित रह गया, क्योंकि उसमें एक जोड़ी जूते थे। उसकी आँखें भर आई। अगले दिन वह ऑफिस पहुंचा और पोस्टमास्टर से फरियाद की कि उसका तबादला फ़ौरन कर दिया जाए। पोस्टमास्टर ने कारण पूछा, तो पोस्टमैन ने वे जूते टेबल पर रखते हुए सारी कहानी सुनाई और भीगी आँखों और रुंधे कंठ से कहा, "आज के बाद मैं उस गली में नहीं जा सकूँगा। उस अपाहिज बच्ची ने तो मेरे नंगे पाँवों को तो जूते दे दिये पर मैं उसे पाँव कैसे दे पाऊँगा?"

संवेदनशीलता का यह श्रेष्ठ दृष्टांत है। संवेदनशीलता यानि, दूसरों के दुःख-दर्द को समझना, अनुभव करना और उसके दुःख-दर्द में भागीदारी करना, उसमें शरीक होना। यह ऐसा मानवीय गुण है जिसके बिना इंसान अधूरा है।

ईश्वर से प्रार्थना है कि वह हमें संवेदनशीलता रूपी आभूषण प्रदान करें ताकि हम दूसरों के दुःख-दर्द को कम करने में योगदान कर सकें। संकट की घड़ी में कोई यह नहीं समझे कि वह अकेला है, अपितु उसे महसूस हो कि सारी मानवता उसके साथ है !!

Tuesday, November 10, 2015

देहरी पर दीप एक जलता रहे


पर्व है पुरुषार्थ का,
दीप के दिव्यार्थ का
देहरी पर दीप एक जलता रहे, 
अंधकार से युद्ध यह चलता रहे
हारेगी हर बार अंधियारे की घोर-कालिमा, 
जीतेगी जगमग उजियारे की स्वर्ण-लालिमा
दीप ही ज्योति का प्रथम तीर्थ है, 
कायम रहे इसका अर्थ, वरना व्यर्थ है
आशीषों की मधुर छांव इसे दे दीजिए, 
प्रार्थना-शुभकामना हमारी ले लीजिए। 
झिलमिल रोशनी में निवेदित अविरल शुभकामना , 
आस्था के आलोक में आदरयुक्त मंगल भावना !!

!! प्रकाश-पर्व दीपावली पर आप सभी को सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएँ !!


Thursday, November 5, 2015

प्रधान डाकघरों में आज से आरम्भ होगी सॉवरेन गोल्‍ड बांड स्‍कीम की बिक्री, प्रधानमंत्री मोदी करेंगे शुभारम्भ


देश भर के प्रधान डाकघरों से आज सोने के नए विकल्‍प के रूप में पेश किए जा रहे सॉवरेन गोल्‍ड बांड स्‍कीम की बिक्री आरम्भ हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  5 नवंबर को आधिकारिक रूप से  सॉवरेन गोल्‍ड बांड स्‍कीम, गोल्‍ड मोनेटाइजेशन और  इंडिया गोल्‍ड कॉइन लॉन्‍च करेंगे। इसके तहत सभी भारतीय नागरिक 5 से 20 नवंबर के बीच बांड खरीदने के लिए आवेदन कर सकते हैं। गोल्‍ड बांड की बिक्री चुनिंदा डाकघरों और बैंकों के माध्‍यम से की जाएगी।  बांड 26 नवंबर को आवंटित किए जाएंगे। इस पर 2.75 फीसदी की दर से ब्‍याज मिलेगा और बांड की प्रति यूनिट सोने की कीमत आरबीआई ने 2684 रुपए प्रति ग्राम तय की है। गोल्‍ड बांड पर मिलने वाले ब्‍याज पर आपको टैक्‍स देना होगा।

गौरतलब है कि वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल बजट भाषण में सॉवरेन गोल्‍ड बांड लाने की घोषणा की थी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार रिजर्व बैंक की सलाह के आधार पर सरकार ने गोल्‍ड बांड का पूरा खाका तैयार किया है। इस बांड की एक यूनिट एक ग्राम सोने के बराबर होगी। निवेशकों को न्यूनतम दो यूनिट खरीदनी होंगी। एक वित्त वर्ष में प्रति व्यक्ति न्यूनतम 2 ग्राम और अधिकतम 500 ग्राम सोने में निवेश किया जा सकेगा। देश में सोने के नए विकल्‍प के रूप में पेश किए जा रहे सॉवरेन गोल्‍ड बांड स्‍कीम पर सरकार ने सालाना 2.75 फीसदी ब्‍याज देने की घोषणा की है। यह स्‍कीम सिर्फ भारतीय निवेशकों के लिए होगी, जिसमें व्यक्तिगत तौर पर भी निवेश किया जा सकता है। इसके साथ ही अविभाजित हिन्दू परिवार, न्यास, विश्वविद्यालय और धमार्थ संस्थान भी निवेश कर सकते हैं। इसकी परिपक्वता अवधि 8 वर्ष होगी। लेकिन निवेशक पांच साल के बाद ही इसे दोबारा बेच सकेंगे। 

वित्‍त मंत्रालय के अनुसार गोल्‍ड बांड विभिन्‍न चरणों में जारी किया जाएंगे और इसकी तिथि पहले जारी की जाएगी। बांड का मूल्य भारतीय सर्राफा एवं आभूषण संघ लिमिटेड द्वारा जारी पिछले सप्ताह सोमवार से शुक्रवार के औसत बंद कीमत पर तय की जाएगी और इसको इसी मूल्य प्रणाली पर भुनाया जा सकेगा। निवेशक इलेक्ट्रॉनिक, नकद ,चेक या ड्राफ्ट के माध्‍यम से इसे खरीद सकते हैं। सरकार इसके बदले स्टॉक/ होल्‍डिंग सार्टिफिकेट जारी करेगी। सॉवरेन गोल्‍ड बांड को शेयर बाजारों में खरीदा और बेचा जा सकेगा।

सॉवरन गोल्‍ड बांड से जुड़ी खास बातें-

प्रोडक्‍ट का नाम–सॉवरन गोल्‍ड बांड

कौन-कौन खरीद सकता है–कोई भी भारतीय व्‍यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार(एचयूएफ), ट्रस्‍ट, यूनिवर्सिटी, चेरिटेबल संस्‍था।

किस रूप में मिलेगा बांड- बांड की एक यूनिट 1 ग्राम सोने के मूल्‍य के बराबर होगी। प्रत्‍येक निवेशक कम से कम 2 और अधिकतम 500 यूनिट हर साल खरीद सकता है।

कहां से खरीदें : बांड के लिए देश भर के बैंकों के साथ प्रधान डाकघरों में आवेदन कर सकते हैं।

कितना मिलेगा ब्‍याज : सरकार ने बांड के लिए 2.75 फीसदी सालाना ब्‍याज निर्धारित किया है।


Wednesday, November 4, 2015

नई भूमिकाओं के लिए तैयार हो रहा है डाक विभाग

डाक विभाग नई टेक्नालाजी और नई सेवाओं के साथ बदलते परिवेश में नई भूमिकाओं के लिए  तैयार हो रहा है। डाकघरों को भी अब कोर बैंकिंग सोल्यूशन (सी.बी.एस.) से जोड़ा जा रहा है, जिससे कोई भी ग्राहक देश के किसी भी कोने में स्थित सी.बी.एस. डाकघर से अपना पैसा निकाल सकेगा। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने हनुमानगढ़ जंक्शन प्रधान डाकघर में 4 नवम्बर 2015  को डाक मेले का उद्घाटन करते हुए कहा। इस अवसर पर श्री यादव ने विभाग की सेवाओं के बारे में कहा कि डाकघरों में निवेश की तमाम योजनायें हैं, जिनमें बचत खाता, आवर्ती जमा, सावधि जमा, मासिक आय योजना, पी. पी. एफ., वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, सुकन्या समृद्धि योजना एवं राष्ट्रीय बचत पत्र व किसान विकास पत्र में निवेश किया जा सकता है। 

हाल ही में आरम्भ सुकन्या समृद्धि योजना के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि बेटियों की समृद्धि और खुशहाली में ही समाज का भविष्य टिका हुआ है। ऐसे में बेटियों की उत्तम परवरिश, उच्च शिक्षा और उनके विवाह में सुविधा के लिए डाकघरों में यह योजना आरंभ की गयी है। 10 साल तक की बच्चियों के लिए आरम्भ इस योजना में एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये तक जमा किये जा सकते हैं। 9.2 प्रतिशत ब्याज और आयकर छूट वाली इस योजना में  खाता खोलने से मात्र 14 वर्ष तक धन जमा कराना होगा। श्री यादव ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के बारे में जानकारी देते हुए यह बताया कि अब डाक विभाग के बचत खाताधारक भी इससे जुड सकते है। निदेशक डाक सेवाएं श्री यादव ने बीमा योजनाओं के संबंध में कहा कि “डाक जीवन बीमा” में 6 योजनायें-सुरक्षा, संतोष, सुविधा, युगल सुरक्षा, सुमंगल व चिल्ड्रेन पालिसी हैं। इसके तहत वर्तमान में सरकारी/अर्द्धसरकारी, सरकारी नियंत्रण वाली संस्थाओं  के कर्मी बीमा के पात्र हैं। इसके अलावा ग्रामीण लोगों के लिए ग्रामीण डाक जीवन बीमा सेवा है। डाक जीवन बीमा में 50 लाख और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 20 लाख रूपये तक का जीवन बीमा कराया जा सकता है। डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी डाक बचत और बीमा योजनाओं से जोडना है। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाकघरों को भी अब कोर बैंकिंग सोल्यूशन (सी.बी.एस.) से जोड़ा जा रहा है, जिससे कोई भी ग्राहक देश के किसी भी कोने में स्थित सी.बी.एस. डाकघर से अपना पैसा निकाल सकेगा। हनुमानगढ़ जनपद के 22 डाकघरों में से 14 डाकघरों को सी.बी.एस. से जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा डाक जीवन बीमा सेवा को भी मैककैमिश सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन किया जा चुका है। इससे ग्रामीण स्तर पर भी बैंकिंग व बीमा क्षेत्रों में क्रान्तिकारी कदम का सूत्रपात होगा और डाकघरों के खाताधारक आने वाले दिनों में नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग एवं एटीएम सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। श्री यादव ने बताया कि डाक विभाग ने ऑनलाइन शापिंग के बढ़ते चलन के मद्देनजर ई-कामर्स के इस दौर में पार्सल सेवाओं के व्यापक बाजार में अपनी पैठ बढ़ाने हेतु “कैश -आन-डिलेवरी” सुविधा के साथ ‘बिजनेस पार्सल’ सेवा की शुरुआत की है।

श्रीगंगानगर मंडल के डाक अधीक्षक श्री भरत लाल मीणा ने इस अवसर पर कहा कि डाक विभाग दिनों-ब-दिन अपनी सेवाओं को उन्नत बना रहा है और इसका फायदा समाज के हर वर्ग को मिलेगा। डाक विभाग नित का नेटवर्क काफी वृहद है और लोगों की सेवा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने लोगों से डाक सेवाओं से अधिकाधिक जुड़ने की अपील की। श्री मीणा ने बताया कि डाक मेले के दौरान विभिन्न पोस्टमास्टरों द्वारा सौ से अधिक लोगों का सात करोड़ रूपये से अधिक का बीमा किया गया। इसके अलावा बचत योजनाओं के 2650 खाते और सुकन्या समृद्धि के तहत 550 खाते खोले गए। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर सुकन्याओं को मंच पर पासबुकें दे कर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की। इस मौके पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री लक्ष्मी नारायण कस्वां, प्रधानाचार्य दून महाविद्यालय हनुमानगढ़ जंक्शन ने कहा कि डाक विभाग अपनी विश्वसनीयता और घर-घर तक पहुँच के चलते एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान ही राजस्थान साहित्य परिषद, हनुमानगढ़ की तरफ से इसके संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री दीनदयाल शर्मा, वरिष्ठ बाल साहित्यकार  और सचिव श्री राजेंद्र ढाल ने निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव को प्रशासन के साथ-साथ साहित्य के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए शाल ओढ़ाकर एवं प्रशस्ति पत्र देकर अभिनन्दन और सम्मानित किया। शर्मा ने कहा कि श्री कृष्ण कुमार यादव का हनुमानगढ़ में आगमन सिर्फ एक अधिकारी के रूप में ही नहीं बल्कि साहित्यकार, लेखक और ब्लॉगर के रूप में भी हुआ है और उनके कृतित्व से हम सभी अभिभूत हैं। इस अवसर पर दीनदयाल शर्मा ने डाक विभाग की सुकन्या समृद्धि योजना के सन्दर्भ में बेटियों से संबंधित कविता सुनाकर लोगों को भावुक कर दिया।

इस अवसर पर मेले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव द्वारा सम्मानित भी किया गया। इनमें हनुमानगढ़ उपमंडल के भंवरलाल शाखा डाकपाल पन्नीवाली, नथूराम शाखा डाकपाल मुन्डा एवं नोहर उपमंडल के दयानन्द बेनीवाल शाखा डाकपाल भिरानी, मनफूल राम शाखा डाकपाल हरदासवाली सम्मानित हुए।

इस अवसर पर सहायक अधीक्षक सर्वश्री जयसिंह वर्मा, देवी लाल सारण, डाक निरीक्षक राजेंद्र सिंह भाटी, मोहन लाल वर्मा, पोस्टमास्टर चरणजीत सिंह सहित तमाम अधिकारी, कर्मचारी, बचत अभिकर्तागण व नागरिकजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जसपाल सिंह सेठी, परिवाद निरीक्षक ने किया।

राजस्थान पत्रिका (5 नवम्बर 2015)  : 
हर बाजी जीत बेटियाँ, घर में आकर हार जाती बेटियाँ 



दैनिक भास्कर (5 नवम्बर 2015) : 
सामाजिक बदलाव के साथ डाक विभाग भी हुआ हाईटेक - कृष्ण कुमार यादव 

Tuesday, November 3, 2015

डाक विभाग की बचत योजनाओं में निवेश द्वारा सामाजिक सरोकारों में भी वृद्धि

डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी डाक बचत और बीमा योजनाओं के तहत लाना है। इसके तहत तमाम गाँवों को बचत बैंक ग्राम और सम्पूर्ण ग्रामीण डाक जीवन बीमा ग्राम के तहत भी आच्छादित किया जा रहा है। डाक विभाग की बचत योजनाओं में निवेश करके आप अपने सामाजिक सरोकारों में भी वृद्धि करते हैं, क्योंकि इन अल्प बचत योजनाओं से प्राप्त धनराशि को सरकारों द्वारा विकास कार्य हेतु उपयोग किया जाता है। उक्त उद्गार डाक विभाग द्वारा  श्रीगंगानगर जिले में 02 नवम्बर 2015  को आयोजित  डाक मेले का उद्घाटन करते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर  के निदेशक डाक सेवाएं  कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किये। 

डाक विभाग की सेवाओं के बारे में बताते हुए निदेशक डाक सेवाएं  कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाकघरों में निवेश की तमाम योजनायें हैं, जिनमें बचत खाता, आवर्ती जमा, सावधि जमा, मासिक आय योजना, पी. पी. एफ., वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, सुकन्या समृद्धि योजना एवं राष्ट्रीय बचत पत्र व किसान विकास पत्र में निवेश किया जा सकता है। हाल ही में आरम्भ सुकन्या समृद्धि योजना के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि बेटियों की समृद्धि और खुशहाली में ही समाज का भविष्य टिका हुआ है। ऐसे में बेटियों की उत्तम परवरिश, उच्च शिक्षा और उनके विवाह में सुविधा के लिए डाकघरों में यह योजना आरंभ की गयी है। 10 साल तक की बच्चियों के लिए आरम्भ इस योजना में एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये तक जमा किये जा सकते हैं। 9.2 प्रतिशत ब्याज और आयकर छूट वाली इस योजना में  खाता खोलने से मात्र 14 वर्ष तक धन जमा कराना होगा। श्री यादव ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के बारे में जानकारी देते हुए यह बताया कि अब डाक विभाग के बचत खाताधारक भी इससे जुड सकते है। निदेशक डाक सेवाएं श्री यादव ने बीमा योजनाओं के संबंध में कहा कि” डाक जीवन बीमा”में 6 योजनायें-सुरक्षा, संतोष, सुविधा, युगल सुरक्षा, सुमंगल व चिल्ड्रेन पालिसी हैं। इसके तहत वर्तमान में सरकारी/अर्द्धसरकारी, सरकारी नियंत्रण वाली संस्थाओं  के कर्मी बीमा के पात्र हैं।इसके अलावा ग्रामीण लोगों के लिए ग्रामीण डाक जीवन बीमा सेवा है।डाक जीवन बीमा में 50 लाख और ग्रामीण डाक जीवन बीमामें 20 लाख रूपये तक का जीवन बीमा कराया जा सकता है।

डाक निदेशक  कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाकघरों को भी अब कोर बैंकिंग सोल्यूशन (सी.बी.एस.) से जोड़ा जा रहा है, जिससे कोई भी ग्राहक देश के किसी भी कोने में स्थित सी.बी.एस. डाकघर से अपना पैसा निकाल सकेगा। फिलहाल श्रीगंगानगर मण्डल के कुल 57 डाकघरों में से 40 डाकघरों को सी.बी.एस. प्लेटफार्म पर माईग्रेट किया जा चुका है। शीघ्र ही बचे हुए डाकघरों को भी सी.बी.एस. से जोडा जायेगा। इसके अलावा बीमा सेवा को भी मैककैमिश सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन किया जा चुका है। इससे ग्रामीण स्तर पर भी बैंकिंग व बीमा क्षेत्रों में क्रान्तिकारी कदम का सूत्रपात होगा और डाकघरों के खाताधारक आने वाले दिनों में नेटबैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग एवं एटीएम सुविधाओं का लाभ उठा सकेेंगे। श्री यादव ने बताया कि डाक विभाग ने ऑनलाइन शापिंग के बढ़ते चलन के मद्दे नजर ई-कामर्स के इस दौर में पार्सल सेवाओं के व्यापक बाजार में अपनी पैठ बढ़ाने हेतु ‘कैश-आन-डिलेवरी’ सुविधा के साथ ’बिजनेस पार्सल’ सेवा की शुरुआत की है।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर उपस्थित युवाओं और बच्चों से रूबरू होते हुए उन्हें फिलेटली (डाक टिकट संग्रहण) से जुडने की अपील की और कहा कि विभाग ने ”माई-स्टैम्प” जैसी आकर्षक सेवा आरम्भ की है, जिसके तहत अब वे डाक टिकटों पर अपनी तस्वीर लगवा सकते हैं और इन डाक-टिकट लगे पत्रों को देश भर में कहीं भी भेज सकते हैं। मात्र 300 रूपये में उपलब्ध इस सेवा में एक शीट में कुल 12 डाक-टिकटों के साथ फोटो लगाई जा सकती है। यह सुविधा श्रीगंगानगर प्रधान डाकघर में उपलब्ध है।

इस मौके पर कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि श्रीमती कमला गोदारा, व्याख्याता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, श्रीगंगानगर ने भी बताया कि डाक विभाग की सुकन्या समृद्वि योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा शुभारम्भ किये गये ”बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को मूर्त रूप देने का एक सशक्त माध्यम है, जिसमें निवेश करके अभिवावक अपनी बच्चियों की उच्चतर शिक्षा एवं विवाह आदि आवश्यकताओं को पूरा करा सकते है।

इस अवसर पर 120 लोगों ने डाक जीवन बीमा व 329 लोगों ने ग्रामीण डाक जीवन बीमा कराया। इसके तहत बीमित राशि क्रमशः रूपये 7.71 करोड़ व 3.3 करोड़ की गई। इसके अलावा सुकन्या समृद्धि के तहत 500 खाते एंव अन्य बचत योजनाओं के 11975 खाते खोले गये। निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर सुकन्याओं को मंच पर पासबुकें दे कर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की। इसी क्रम में, आज के मेले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्रीगंगानगर मण्डल के कर्मचारियों को निदेशक डाक सेवाएं  द्वारा पारितोषिक प्रदान कर सम्मानित किया गया। इनमें सर्वश्री त्रिलोका राम शाखा डाकपाल 07 एलसी ,  जनकराज शाखा डाकपाल दानेवाला को सुकन्या समृद्वि योजना एंव ग्रामीण डाक जीवन बीमा में उत्कृष्ट प्रदर्शन बाबत् पारितोषिक प्रदान किया गया।

श्रीगंगानगर मंडल के  डाक अधीक्षक  भरत लाल मीणा ने इस अवसर पर निदेशक और अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि डाक विभाग का नेटवर्क काफी वृहद है और लोगों की सेवा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। डाक विभाग दिनों-ब-दिन अपनी सेवाओं को उन्नत बना रहा है और इसका फायदा समाज के हर वर्ग को मिलेगा।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण अधीक्षक डाकघर श्रीगंगानगर मण्डल श्री भरत लाल मीणा, आभार ज्ञापन और संचालन श्री जसपाल सिंह सेठी निरीक्षक परिवाद श्रीगंगानगर ने किया। इस अवसर पर सहायक अधीक्षक सर्व श्री बी.आर.राठौड, श्री जयसिंह वर्मा, श्री राकेश कुमार धींगडा, डाक निरीक्षक श्री राजेंद्र सिंह भाटी, दिनेश सिंह चारण, सुनील कुमार गर्ग, अरूण सोलंकी सहित तमाम अधिकारी, कर्मचारी, बचत अभिकर्तागण व नागरिक उपस्थित रहे।

डाक निदेशक के. के. यादव द्वारा श्रीगंगानगर में डाक मेले का उद्घाटन