Friday, October 14, 2022

Postmaster General Krishna Kumar Yadav released Special Cover on 12th Uttar Pradesh Philatelic Exhibition 'UPHILEX-2022'

आजादी के अमृत महोत्सव के क्रम में उत्तर प्रदेश डाक परिमण्डल द्वारा 12वीं राज्य स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी 'यूफिलेक्स–2022' का आयोजन 15 अक्टूबर से 17 अक्टूबर, 2022 तक ललित कला अकादमी, अलीगंज, लखनऊ में किया जाएगा। इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के क्रम में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस प्रदर्शनी पर आधारित एक विशेष आवरण और विरूपण जारी किया, जिसमें प्रदर्शनी का लोगो और इसके बैकग्राउंड में स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े विभिन्न महापुरुषों के चित्र अंकित हैं। इस प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश के तमाम डाक टिकट संग्रहकर्ताओं द्वारा भारत एवं विश्व के विभिन्न अनूठे व मूल्यवान डाक टिकटों का 300 से ज्यादा फ्रेमों में प्रदर्शन किया जाएगा। गौरतलब है कि पिछली राज्य स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी आठ वर्ष पूर्व वर्ष 2014 में आयोजित की गयी थी। 

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक टिकट किसी भी देश के सांस्कृतिक एवं सामाजिक जीवन की वास्तविक झांकी प्रस्तुत करते हैं। 'यूफिलेक्स–2022' में आजादी के अमृत काल में डाक टिकटों के माध्यम से भारत की समृद्धि, संस्कृति एवं विरासत में उत्तर प्रदेश के योगदान को भी प्रदर्शित किया जायेगा। प्रदर्शनी का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा 15 अक्टूबर को प्रात: 10 बजे किया जायेगा। इस अवसर पर 'श्रीराम वन गमन पथ' पर 14 विशेष आवरण और विरूपण का एक विशेष सेट एवं डेफिनिटिव स्टाम्प थीम पैक का भी मुख्यमंत्री द्वारा चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में विमोचन किया जायेगा। श्री यादव ने बताया कि प्रदर्शनी के दूसरे दिन 'बौद्ध सर्किट' पर आधारित 6 विशेष आवरण और विरूपण का एक विशेष सेट और अंतिम दिन 'भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की नायिकाएं, उत्तर प्रदेश' पर आधारित 6 विशेष आवरण और विरूपण का विमोचन महानिदेशक डाक सेवाएं, नई दिल्ली श्री आलोक शर्मा द्वारा किया जायेगा।



पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि प्रदर्शनी में युवाओं और स्कूली बच्चों के अंदर एक अभिरुचि के रूप में फिलेटली को विकसित करने हेतु प्रथम दिन फिलेटलिक वर्कशॉप, क्विज प्रतियोगिता एवं डिजाइन ए स्टैम्प प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जायेगा। डाक टिकटों पर अपनी और अपने प्रियजनों  की फोटो छपवाने की सुविधा हेतु हेतु 'माई स्टैम्प' का विशेष काउंटर भी प्रदर्शनी के दौरान लगाया जायेगा।

इस अवसर पर प्रवर डाक अधीक्षक राजन, डाक अधीक्षक पीसी तिवारी, सीनियर पोस्टमास्टर सीएस बरुआ, सहायक निदेशक ब्रजेश शर्मा सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने डाक टिकट प्रदर्शनी 'यूफिलेक्स–2022' पर जारी किया विशेष आवरण

आजादी के अमृत काल में डाक टिकटों के माध्यम से भारत की समृद्धि, संस्कृति एवं विरासत में उत्तर प्रदेश के योगदान को प्रदर्शित करेगा 'यूफिलेक्स–2022'

डाक विभाग द्वारा 12वीं राज्य स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी 'यूफिलेक्स–2022' का 15 से 17 अक्टूबर तक लखनऊ में  आयोजन, मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन

Thursday, October 13, 2022

National Postal week : Letters remain important even in the age of Internet & social media - Postmaster General Krishna Kumar Yadav


डाक विभाग नवीन सेवाओं और नई टेक्नोलॉजी के साथ अपनी सेवाओं का निरंतर विस्तार करते हुए नित्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। मोबाइल, ईमेल और सोशल मीडिया के इस दौर में भी पत्रों की अपनी अहमियत है। आज भी तमाम महत्वपूर्ण दस्तावेज - सरकारी व कोर्ट संबंधी पत्रों के साथ आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आई कार्ड, पैन कार्ड, विभिन्न बैंकों की चेक बुक व एटीएम कार्ड डाकघरों से ही भेजे जाते हैं। 'राष्ट्रीय डाक सप्ताह' के अंतर्गत 'मेल एवं पार्सल दिवस' पर वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर कैम्पस में आयोजित 'ग्राहक सम्मेलन' को संबोधित करते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने उक्त उद्गार व्यक्त किये। 

इस दौरान डाक विभाग को स्पीड पोस्ट सेवा में सर्वाधिक बिजनेस देने हेतु भारतीय जीवन बीमा निगम, मंडलीय कार्यालय, भेलूपुर, क्षेत्रीय कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय, पहड़िया और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर आयुक्तालय, वाराणसी को पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने सम्मानित भी किया। इंटरनेशनल मेल्स के क्षेत्र में गीता प्रेस, बालाजी वी.एच इम्पेक्स और प्रेषक एंड सेंडर फर्मों को सम्मानित किया गया।  डाक विभाग द्वारा मेल एवं पार्सल सेवाओं के क्षेत्र में किये जा रहे तमाम नवाचारों और सुविधाओं के बारे में डाक निरीक्षक वीएन द्विवेदी द्वारा पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के द्वारा विस्तार से जानकारी दी गयीI

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने पार्सल सेवाओं के बारे में नवाचार की चर्चा करते हुए कहा कि डाकघरों में पार्सल भेजने वाले ग्राहकों के लिए  विशेश्वरगंज स्थित वाराणसी प्रधान डाकघर और वाराणसी कैण्ट प्रधान डाकघर में पार्सल पैकिंग यूनिट की स्थापना की गयी है। ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने हेतु  कैश-ऑन-डिलेवरी वस्तुओं और वस्तुओं के बीमा शुल्क में भी कमी कर डाक शुल्क की नयी दरें लागू की गयी हैं। आने वाले दिनों में पार्सल के रिटर्न पिकअप, ओटीपी आधारित वितरण, स्मार्ट मशीन के माध्यम से पार्सलों की बुकिंग व वितरण की सुविधा भी मुहैया करायी जायेगी। अंतर्राष्ट्रीय डाक के त्वरित निस्तारण हेतु जहाँ वाराणसी में अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय केंद्र की स्थापना की गयी है वहीं गाजीपुर में डाक निर्यात केंद्र आरम्भ किया गया है।

श्री यादव ने बताया कि, डाक विभाग ने तमाम कस्टमर फ्रेंडली सेवाएं आरंभ करके ग्राहकों  को अपनी तरफ आकर्षित किया है। श्री काशी विश्वनाथ सहित तमाम प्रसिद्ध मंदिरों के प्रसाद और पवित्र गंगा जल स्पीड पोस्ट से लोगों के पास पहुँच रहे हैं। पार्सल वितरण हेतु नोडल डिलीवरी सेंटर तो ई-कॉमर्स उत्पादों हेतु कैश ऑन डिलीवरी की सुविधा दी जा रही है। लेटर बॉक्स से नियमित निकासी हेतु 'नन्यथा' एप और डाक वितरण हेतु पोस्टमैन मोबाइल एप के माध्यम से डाकिया को हाईटेक बनाया गया है। आज डाकिया सिर्फ पत्र ही नहीं लाता, वह चलता-फिरता बैंक बनकर वित्तीय समावेशन में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव  ने कहा कि डाक विभाग विभिन्न व्यवसाय समूहों के हिसाब से विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित कर रहा है। इसमें स्पीड पोस्ट, बिजनेस पार्सल, बिजनेस पोस्ट, मीडिया पोस्ट, बिल मेल सर्विस, रिटेल पोस्ट, लॉजिस्टिक्स पोस्ट, डायरेक्ट पोस्ट, ई-पोस्ट, ई-पेमेंट इत्यादि  प्रमुख हैं।

इस अवसर पर वाराणसी पूर्वी मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक राजन, डाक अधीक्षक पीसी तिवारी, सहायक निदेशक ब्रजेश शर्मा, सीनियर पोस्टमास्टर सीएस बरुआ, सहायक अधीक्षक अजय कुमार, आरके चौहान, इसके चौधरी, दिलीप यादव, डाक निरीक्षक श्रीकांत पाल, वीएन द्विवेदी, इंद्रजीत पाल, रमेश यादव  कैंट प्रधान डाकघर पोस्टमास्टर गोपाल दुबे  सहित विभिन्न कॉरपोरेट संस्थानों, विभागों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के अंत में सभी विशिष्ट ग्राहकों को पोस्टमास्टर जनरल ने सम्मानित भी किया।

डाक विभाग द्वारा मेल एवं पार्सल सेवाओं के क्षेत्र में किये जा रहे तमाम नवाचार -पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

'राष्ट्रीय डाक सप्ताह' में 'मेल एवं पार्सल दिवस' पर उत्कृष्ट ग्राहकों का हुआ सम्मान, पोस्टमास्टर जनरल केके यादव ने किया सम्मानित

सोशल मीडिया के दौर में भी पत्रों की अहमियत बरकरार -पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव


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Department of Posts organized Customers meet to celebrate National Postal Week

Letters remain important even in the age of social media - Postmaster General Krishna Kumar Yadav

Department of Posts is constantly expanding its services with introduction of new services and implementation of new technologies and is constantly reaching up to the last person of the society. Even in this age of mobile, email and social media, letters have their own importance. Today all the important documents - Aadhar card, passport, driving license, voter ID card, PAN card, cheque book of various banks and ATM cards are dispatched through Post offices along with Government and Court related letters /communications. Postmaster General of Varanasi Region, Shri Krishna Kumar Yadav made above remarks while addressing the customer meet organized at Varanasi Cantt Head Post Office on 'Mails and Parcels Day' under celebration of 'National Postal Week'. In the customer meet, LIC Divisional Office, Regional Employees Provident Fund Office and Central Goods and Services Tax Commissionerate, Varanasi were felicitated by Postmaster General Shri Krishna Kumar Yadav for giving maximum business under Speed Post Service to the Department of Posts. In the field of International Mails, Gita Press, Balaji V.H Impex and Preshak & Sender firms were felicitated. All the information related to product & services of India Post, facilities, major changes took place, and initiative taken in the field of mail and parcel services were given in detail by the Inspector Posts V.N. Dwivedi through a power point presentation.

Postmaster General, Shri Krishna Kumar Yadav while briefing about the innovation regarding Parcel services said that Parcel Packing Unit has been set up at Varanasi Head Post Office at Visheshwarganj and Varanasi Cantt Head Post Office for the customers sending parcels in post offices. In order to promote e-commerce, new rates of postage have been implemented by reducing the insurance charges for cash-on-delivery goods and goods. In up-coming days, facility of return pickup of parcels, OTP based delivery, booking and delivery of parcels through smart machines will also be provided. For speedy disposal of International mail, International Business Centre has been established in Varanasi, whereas, Dak Niryat Kendra has been started in Ghazipur.

Mr. Yadav said that the Department of Posts has attracted the customers by introducing many customer friendly services. Pious Ganga Jal and Prasad from many famous temples including Shri Kashi Vishwanath are reaching to publics through Speed Post.  Postman has been made hi-tech through 'Nanyatha' app for regular clearance from letter box and Postman mobile app for capturing of real time delivery of mail. Today the postman not only brings letters, he is also playing an important role in financial inclusion by becoming a mobile bank.

Postmaster General Shri Krishna Kumar Yadav said that the Department of Posts is offering different types of schemes according to need of different business groups. This includes Speed Post, Business Parcel, Business Post, Media Post, Bill Mail Service, Retail Post, Logistics Post, Direct Post, E-Post, E-payment etc.

On this occasion, Senior Superintendent of Post Offices Rajan, Superintendent of Posts P.C. Tiwari, Assistant Director Brijesh Sharma, Senior Postmaster C.S. Barua, Assistant Superintendent Ajay Kumar, R.K Chauhan, M R Rashdee, Postal Inspector Shrikant Pal, V.N. Dwivedi, Inderjeet Pal, Ramesh Yadav, Servesh Singh Postmaster of Cantt Head Post Office Gopal Dubey and representatives of various corporate institutions, departments have attended the meet. Postmaster General also felicitated all the distinguished customers at the end of the programme.







Wednesday, October 12, 2022

पिन कोड की स्वर्ण जयंती के अवसर पर संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान ने जारी किया स्मारक डाक टिकट

भारत सरकार में संचार राज्य मंत्री श्री देवुसिंह चौहान ने पिन कोड की स्वर्ण जयंती के अवसर पर 12 अक्टूबर, 2022 को  गुजरात के गांधीनगर में स्मारक डाक टिकट जारी किया। उन्होंने ई-पासबुक को भी लॉन्च किया जो पीओएसबी योजनाओं के खाताधारकों के लिए एक सुविधा है। इसके तहत एक ऑनलाइन वेबपेज के जरिये निम्नलिखित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी-


बैलेंस इंक्वायरी - सभी योजनाओं के लिए शुरू की जाएगी।

मिनी स्टेटमेंट - एसबी, पीपीएफ और एसएसए के लिए शुरू किया जाएगा।

पूर्ण विवरण - लॉन्च पर उपलब्ध नहीं होगा। इसे बाद में शामिल किया जाएगा।


वेबपेज के लिए लिंक इंडिया पोस्ट की वेबसाइट यानी www.indiapost.gov.inऔर आईपीपीबी की वेबसाइट www.ippbonline.com पर उपलब्ध होगा।आने वाले दिनों में इसे विभाग के पोस्टइन्फो ऐप के जरिये भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके निम्‍नलिखित फायदे होंगे-

खाता शेष या लेन-देन संबंधी जानकारी के लिए पासबुक प्रिंट करने के लिए डाकघर जाने की आवश्यकता नहीं होगी जिससे बहुत सारे मैनुअल काम बच जाएगा।

इसे दिन में किसी भी समय और यहां तक कि छुट्टियों पर भी ऐक्सेस किया जा सकता है।

इसके लिए अलग से इंटरनेट बैंकिंग क्रेडेंशियल या मोबाइल बैंकिंग ऐप की आवश्यकता नहीं होगी।

सरल एवं उपयोगकर्ता के अनुकूल वेबपेज बेहतर ग्राहक अनुभव प्रदान करेगा।

यह सब मुफ्त उपलब्ध होगा।

संदर्भ के लिए विवरण को डाउनलोड किया जा सकेगा।


मंत्री ने 'पीएलआई मोबाइल ट्रेनिंग ऐप'को भी लॉन्च किया गया जो न केवल ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रदान करेगा बल्कि ऑनलाइन लाइसेंस परीक्षा आयोजित करने की सुविधा भीप्रदान करेगा। इस ऐप में ऑडियो/विजुअल मोड में प्रशिक्षण सामग्री और एक किताब भी उपलब्‍ध है जो प्रशिक्षण सामग्री का एक सरल संकलन है।


Tuesday, October 11, 2022

National Postal Week in Uttar Pradesh Circle : डाक सेवाओं के क्षेत्र में तमाम नए आयाम रचे उत्तर प्रदेश परिमंडल ने - चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा

उत्तर प्रदेश परिमंडल ने डाक सेवाओं के क्षेत्र में तमाम नए आयाम रचे हैं। एक तरफ आधारभूत संरचना पर जोर देते हुए 08 नए डाकघर और 16 पार्सल हब/नोडल डिलीवरी सेंटर खोले गए हैं, वहीं भर्ती के क्षेत्र में भी तीव्रता लाते हुए 5,000 भर्तियाँ की गई हैं। एक ही छत के नीचे तमाम सेवाएँ उपलब्ध कराते हुए डाकघरों को बहुद्देश्यीय बनाया गया है। आज़ादी का अमृत महोत्सव में भी डाक  विभाग अहम भूमिका निभा रहा है। उक्त जानकारी 'राष्ट्रीय डाक सप्ताह आयोजन' के क्रम में उत्तर प्रदेश परिमंडल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने दी।

चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में डाक सेवाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है। इस क्रम में 08 नए डाकघर खोले गए, वहीं एल.डब्ल्यू. ई इलाकों में 224 नए शाखा डाकघर खोले गए । मेल और पार्सल के आवागमन को सुचारु बनाने और त्वरित वितरण हेतु 16 पार्सल हब और 16 नोडल डिलीवरी सेंटर्स स्थापित किये गए। डाकघरों और मेल ऑफिस में मानव संसाधन विकास की अभिवृद्धि के क्रम में विभिन्न संवर्गों में 4602 भर्तियाँ की गईं। इसके अलावा मृतक आश्रित अनुकम्पा आधारित नियुक्ति में भी तेजी लाते हुए पूरे परिमंडल में कुल 509 लोगों की नियुक्ति की गई। विभागीय परीक्षाओं के द्वारा विभिन्न संवर्गों के 864 कार्मिकों को प्रोन्नति दी गई है। 

चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री कौशलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि विश्व डाक दिवस की इस बार की थीम 'पोस्ट फॉर प्लेनेट' है, तदनुसार उत्तर प्रदेश परिमंडल सर्वत्र डाक सेवाएँ प्रदान कर रहा है। डाक विभाग अब सिर्फ पत्र, पार्सल और मनीऑर्डर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक ही छत के नीचे तमाम सेवाओं की उपलब्धता के साथ-साथ वित्तीय समावेशन और डिजिटल इंडिया में भी अहम भूमिका निभा रहा है। उत्तर प्रदेश के सभी डाकघरों को सीबीएस प्लेटफॉर्म पर माइग्रेट किया जा चुका है। बचत, बीमा, आधार, पासपोर्ट, पैन कार्ड, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, रेलवे टिकट, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, ई-श्रम पंजीकरण, मोबाइल रिचार्ज, गंगाजल, विभिन्न मंदिरों के प्रसाद जैसी तमाम सुविधाएं डाकघरों में उपलब्ध हैं। इसके अलावा काॅमन सर्विस सेंटर के माध्यम से एक साथ केंद्र व राज्य सरकारों की 73 सेवाएँ डाकघरों में मिल रही हैं। 

इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से बैंकिंग सर्वसुलभ और आसान हुई है। अब सामाजिक सुरक्षा राशि और अन्य डीबीटी हेतु डाकिया के माध्यम से किसी भी आधार लिंक्ड खाते से घर बैठे राशि निकाली  जा सकती है। पेंशनर्स घर बैठे डाकिया द्वारा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवा सकते हैं। उत्तर प्रदेश के डाकघरों में चालू वित्तीय वर्ष में 16 लाख बचत खाते और 9.67 लाख आई.पी.पी.बी खाते खोले गए हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के डाकघरों में कुल 2.68 करोड़ बचत खाते, 29 लाख सुकन्या समृद्धि खाते और 91.51 लाख आई.पी.पी.बी खाते संचालित हैं। इसके साथ ही आम जन के लिए  1425 डाक घरों पर स्थापित आधार केंद्रों और आई.पी.पी.बी मोबाइल एप के माध्यम से 56 लाख से अधिक आधार पंजीकरण और अद्यतन किये गए हैं। डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा के क्षेत्र में भी 53 हज़ार से अधिक लोगों को जीवन सुरक्षा की पॉलिसी प्रदान करते हुए डाक विभाग ने नई ऊंचाइयों को छुआ है।

श्री सिन्हा ने कहा कि 9 से 13 अक्टूबर तक 'राष्ट्रीय डाक सप्ताह' मनाया जा रहा है। इसमें 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस,10 अक्टूबर को वित्तीय सशक्तिकरण दिवस, 11 अक्टूबर को फिलेटली दिवस : आज़ादी का अमृत महोत्सव सेलिब्रेशन, 12 अक्टूबर को मेल एवं पार्सल दिवस और 13 अक्टूबर को  अंत्योदय दिवस मनाया जायेगा। उन्होंने इन कार्यक्रमों में ज्यादा से ज्यादा जनभागीदारी की अपील करते हुए लोगों से डाक सेवाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आह्वान किया।


उत्तर प्रदेश परिमंडल में राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन, 13 अक्टूबर तक होंगे विभिन्न कार्यक्रम  

डाक सेवाओं के क्षेत्र में तमाम नए आयाम रचे उत्तर प्रदेश परिमंडल ने 

वित्तीय समावेशन और डिजिटल इंडिया में अहम भूमिका निभा रहा है डाक विभाग - चीफ पोस्टमास्टर जनरल 

समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है डाक विभाग - चीफ पोस्टमास्टर जनरल 

National Postal week @ Financial Empowerment Day : आज भी डाकघर की बचत योजनाएँ सर्वाधिक लोकप्रिय - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

वित्तीय सशक्तिकरण को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में डाकघरों की अहम् भूमिका है। आज भी डाकघर की बचत योजनाएँ सर्वाधिक लोकप्रिय हैं और इनमें लोग पीढ़ी-दर-पीढ़ी निवेश करते आ रहे हैं। डाकघरों में एक ही छत के नीचे बचत, डाक जीवन बीमा और इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की सुविधा होने से लोगों को निवेश के ढेरों विकल्प उपलब्ध होने से सहूलियत है। उक्त उद्गार 'राष्ट्रीय डाक सप्ताह' के तहत 10 अक्टूबर को वाराणसी प्रधान डाकघर में 'वित्तीय सशक्तिकरण' दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किये। डाक विभाग द्वारा वाराणसी, जौनपुर, भदोही, चंदौली, गाजीपुर, बलिया जनपदों में अभियान चलाकर सुकन्या समृद्धि, डाक बचत योजना, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और डाक जीवन बीमा से अधिकाधिक लोगों को जोड़ा गया। इस अवसर पर प्रवर अधीक्षक डाकघर श्री राजन संग उन्होंने लाभार्थियों को पासबुक और बांड भी सौंपे।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि वित्तीय समावेशन के आर्थिक के साथ-साथ सामाजिक आयाम भी महत्वपूर्ण हैं। वाराणसी परिक्षेत्र के सभी 274 डाकघरों को सीबीएस प्लेटफॉर्म पर माइग्रेट किया जा चुका है। डाकघरों में बचत खाता, आवर्ती जमा खाता, पीपीएफ, सीनियर सिटिज़न बचत खाता, मासिक आय योजना, सावधि जमा खाता, एनएससी, केवीपी और सुकन्या समृद्धि योजना उपलब्ध हैं। हाल ही में भारत सरकार द्वारा लघु बचत योजनाओं को बढ़ावा देने हेतु टीडी, एमआईएस, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना और किसान विकास पत्र की ब्याज दरों में भी वृद्धि की गई है। सुकन्या समृद्धि योजना जहाँ 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' को धार दे रही है, वहीं इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से डाकिया अब चलते-फिरते बैंक बन गए हैं।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों में 30 लाख बचत खाते, 2.65 लाख सुकन्या खाते, 5.50 लाख आईपीपीबी खाते संचालित हैं। 755 गांवों को सुकन्या समृद्धि ग्राम और 363 गांवों को सम्पूर्ण बीमा ग्राम बनाया जा चुका है। इस वर्ष अब तक  लगभग 7,000 लोगों का डाक जीवन बीमा किया जा चुका है, जिससे 5.16 करोड़ रूपये का न्यू प्रीमियम प्राप्त हुआ। वित्तीय सशक्तिकरण के तहत हर व्यक्ति को डाकघर बचत व बीमा योजनाओं से जोड़ने की पहल की जा रही है। 

वाराणसी पूर्वी मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर श्री राजन ने कहा कि 10 साल तक की बेटियों का मात्र ₹ 250 से डाकघर में खुलने वाला सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ निवेश का ही एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। इस योजना में एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम डेढ़ लाख रूपये जमा किये जा सकते हैं।

इस अवसर पर बचत बैंक क्विज भी आयोजित किया गया, जिसमें महिला अभिकर्ता मंजू देवी, डायरेक्ट एजेंट अमन कुमार गुप्ता, महिला अभिकर्ता मधु सिंह को क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार से पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने सम्मानित किया।

इस अवसर पर सीनियर पोस्टमास्टर सीएस बरुआ, सहायक निदेशक ब्रजेश शर्मा, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक सीनियर मैनेजर सुबलेश सिंह, सहायक अधीक्षक एसके चौधरी, दिलीप यादव, निरीक्षक रमेश यादव, श्रीकांत पाल, कमल भारती, दीपमणि, राजेंद्र यादव, श्रीप्रकाश गुप्ता, प्रीति सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कुमारी अजिता ने किया।




'राष्ट्रीय डाक सप्ताह' के तहत डाक विभाग ने मनाया वित्तीय सशक्तिकरण दिवस

आज भी डाकघर की बचत योजनाएँ सर्वाधिक लोकप्रिय - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

वित्तीय समावेशन के तहत हर व्यक्ति को डाकघर बचत व बीमा योजनाओं से जोड़ने की पहल - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

Monday, October 10, 2022

World Post day : भारतीय डाक विभाग तमाम ऐतिहासिक घटनाक्रमों का रहा साक्षी - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक सेवाओं में वक़्त के साथ तमाम बदलाव हुए हैं। डाक विभाग अब सिर्फ पत्र, पार्सल और मनीऑर्डर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक ही छत के नीचे तमाम सेवाओं की उपलब्धता के साथ-साथ वित्तीय समावेशन और डिजिटल इंडिया में भी अहम भूमिका निभा रहा है। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने विश्व डाक दिवस ( 9 अक्टूबर, 2022) पर आयोजित जागरूकता रैली में व्यक्त किए। उन्होंने कैंटोनमेंट स्थित मल्टीपरपज ग्राउंड में 4 दिनों तक चली रीजनल स्तरीय डाक मैत्री क्रिकेट प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित भी किया। इसमें फाइनल मैच में कैप्टन रमेश यादव के नेतृत्व में वाराणसी पूर्वी मंडल की टीम ने 99 रन बनाकर कैप्टन श्रीकांत पाल के नेतृत्व में खेली क्षेत्रीय कार्यालय की टीम (85 रन) पर विजय प्राप्त की। मैन ऑफ दि सीरीज अजय यादव और मैन ऑफ दि मैच का खिताब रोहित वर्मा को मिला।


पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि खेलों की तरह विभागीय लक्ष्य प्राप्ति के लिए भी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जरूरी है। 1 अक्टूबर, 1854 को स्थापित भारतीय डाक विभाग 168 वर्षों के अपने सफर में तमाम ऐतिहासिक और सामाजिक-आर्थिक घटनाक्रम का साक्षी रहा है। बचत, बीमा, आधार, पासपोर्ट, पैन कार्ड, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, रेलवे टिकट, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, ई-श्रम पंजीकरण, मोबाइल रिचार्ज, गंगाजल, विभिन्न मंदिरों के प्रसाद जैसी तमाम सुविधाएं डाकघरों में उपलब्ध हैं। इसके अलावा काॅमन सर्विस सेंटर के माध्यम से एक साथ केंद्र व राज्य सरकारों की 73 सेवाएँ डाकघरों में मिल रही हैं। 

प्रवर डाक अधीक्षक श्री राजन राव ने बताया कि राष्ट्रीय डाक सप्ताह के क्रम में 10 अक्टूबर को डाकघरों में 'वित्तीय सशक्तिकरण दिवस' के रूप में मनाया जायेगा। वाराणसी प्रधान डाकघर में दोपहर 12 बजे इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। 

इस अवसर पर डाक अधीक्षक पीसी तिवारी, सहायक निदेशक ब्रजेश शर्मा,सहायक अधीक्षक आरके चौहान, अजय कुमार, निरीक्षक एपी गोस्वामी, इंद्रजीत पाल, राजेंद्र यादव, श्रीप्रकाश गुप्ता सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।




डाक विभाग ने हर्षोल्लास के साथ मनाया विश्व डाक दिवस, निकाली जागरूकता रैली

भारतीय डाक विभाग तमाम ऐतिहासिक घटनाक्रमों का रहा साक्षी  - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

विश्व डाक दिवस पर डाक मैत्री क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन, वाराणसी पूर्वी मंडल रहा विजेता

Saturday, October 8, 2022

World Post day celebration on 9th October, theme for 2022 is 'Post for Planet'

Department of Posts is one of the oldest departments of the country which plays an important role in the socio-economic development of the country. It is an organization that helps us to reach not only within the country but also other countries outside the borders of the country. World Postal Day is celebrated all over the world on 9 October. This time its theme is 'Post for Planet'. While providing above information Shri Krishna Kumar Yadav, Postmaster General, Varanasi Region said that In this sequence, 'National Postal Week' will be celebrated from 9-13 October and every day will be focused on a particular product or service-

9 October - World Post Day

10 October – Vittiya Sashaktikaran Diwas

11 October - Philately Day: Celebration of Azadi Ka Amrit Mahotsav

12 October - Mails and Parcels Day

13 October - Antyodya Diwas

Postmaster General, Shri Krishna Kumar Yadav said that The objective of World Post Day is to spread awareness about the role of Postal services in daily life, business and social and economic development of the people across the world. To realize the concept of 'One World - One Postal System', 'Universal Postal Union' was established on 9 October 1874 in Bern, Switzerland, so that uniform postal system could be implemented across the world. India was the first Asian nation, which became its member on 1 July 1876. Later in 1969, at the Universal Postal Union Congress held in Tokyo, Japan, this foundation day was declared to be celebrated as 'World Post Day'.



Postmaster General, Shri Yadav said that During the National Postal Week, emphasis would be laid on wide publicity of Postal services and increase its customer base. On the other hand, school children visit post offices to understand the working of Postal Services, Philately Quiz, Stamp Design and Dhai Aakhar letter writing competition, Seminars, Workshops, felicitation of Postal employees for excellence, Customer Meet, Saving Bank Services, Postal Life Insurance, Financial empowerment camps will be organized in every district regarding Sukanya Samriddhi Yojana and India Post Payments Bank products etc.

Postal Services in Varanasi

Varanasi has a long history of postal services. Postal services have influenced the socio-economic environment even before independence. Varanasi, Chandauli, Bhadohi, Ghazipur, Jaunpur and Ballia districts are established under Varanasi Postal Region under Postmaster General, Varanasi Region. There are total 1,716 Post Offices in Varanasi Region, out of which there are 6 Head Post Offices, 268 Sub Post Offices and 1,442 Branch Post Offices under 6 districts. There are total 252 Post offices in Varanasi District alone. Even today, the Varanasi Head Post Office (built in the year 1920) and the Varanasi City Post Office (built in the year 1898) operate in British-era buildings. Varanasi City Post Office is functioning as Sampoorna Mahila Post Office which is a fine example of women empowerment. 

Even today, the pre-independence letter box is installed in the Varanasi Head Post Office at Visheshwarganj as a heritage, while the spears used by the postmen for distributing mail have also been kept safe. Philatelic Bureau located in the Head Post Office is a major destination for stamp collecting enthusiasts, where all new and old postage stamps are displayed. Many celebrities have also had a relationship with the Department of Post. The father of Munshi Premchand, popularly known as the novel emperor, also worked in the Postal department.

World Post Day on 9 October, National Postal Week organized from 9-13 October

Postal Deptt. is playing a vital role in the socio-economic development of the country

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डाक विभाग देश के सबसे पुराने विभागों में से एक है जो कि देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक ऐसा संगठन है जो न केवल देश के भीतर बल्कि देश की सीमाओं से बाहर अन्य देशों तक पहुँचने में भी हमारी मदद करता है। पूरे विश्व में 9 अक्टूबर को 'अंतर्राष्ट्रीय डाक दिवस' मनाया जाता है। इस बार इसकी थीम 'पोस्ट फॉर प्लेनेट' है। उक्त जानकारी देते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इसी क्रम में 9-13 अक्टूबर तक भारत में 'राष्ट्रीय डाक सप्ताह' मनाया जाएगा और हर दिन को एक उत्पाद या सेवा विशेष पर फोकस किया जायेगा-

9 अक्टूबर - विश्व डाक दिवस

10 अक्टूबर - वित्तीय सशक्तिकरण दिवस

11 अक्टूबर - फिलेटली दिवस : आज़ादी का अमृत महोत्सव सेलिब्रेशन

12 अक्टूबर - मेल एवं पार्सल दिवस

13 अक्टूबर - अंत्योदय दिवस

इसलिए मनाया जाता है विश्व डाक दिवस

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि विश्व डाक दिवस का उद्देश्य विश्व भर में लोगों के दैनिक जीवन, व्यापार और सामाजिक तथा आर्थिक विकास में डाक की भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। 'एक विश्व-एक डाक प्रणाली' की अवधारणा को साकार करने हेतु 9 अक्टूबर, 1874 को 'यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन' की स्थापना बर्न, स्विट्जरलैंड में की गई, जिससे विश्व भर में एक समान डाक व्यवस्था लागू हो सके। भारत प्रथम एशियाई राष्ट्र था, जो कि 1 जुलाई 1876 को इसका सदस्य बना। कालांतर में वर्ष 1969 में टोकियो, जापान में सम्पन्न यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन कांग्रेस में इस स्थापना दिवस को 'विश्व डाक दिवस' के रूप में मनाने हेतु घोषित किया गया।

पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने बताया कि डाक सप्ताह के दौरान डाक सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं राजस्व अर्जन में वृद्धि पर जोर दिया जायेगा। वहीं डाक सेवाओं की कार्यप्रणाली को समझने हेतु स्कूली बच्चों द्वारा डाकघरों का भ्रमण, फिलेटली क्विज, स्टैम्प डिजाइन एवं ढाई आखर पत्र लेखन प्रतियोगिता, सेमिनार, वर्कशॉप, उत्कृष्टता हेतु डाक कर्मियों का सम्मान, कस्टमर मीट, बचत सेवाओं, डाक जीवन बीमा, सुकन्या समृद्धि योजना और इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक उत्पादों इत्यादि को लेकर हर जिले में वित्तीय सशक्तिकरण मेलों का आयोजन किया जायेगा।

वाराणसी में डाक सेवाओं का इतिहास : वर्ष 1898 में निर्मित हुआ था वाराणसी सिटी डाकघर

वाराणसी में डाक सेवाओं का पुराना इतिहास रहा है। आजादी के पहले से ही डाक सेवाओं ने यहाँ के सामाजिक-आर्थिक परिवेश को प्रभावित किया है।वाराणसी परिक्षेत्र के अधीन वाराणसी, चंदौली, भदोही, गाजीपुर, जौनपुर और बलिया जनपद अवस्थित हैं। पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र में कुल 1716 डाकघर हैं, जिनमें से 6 जनपदों के अधीन कुल 6 प्रधान डाकघर, 268 उपडाकघर और 1442 शाखा डाकघर हैं। अकेले वाराणसी जनपद में कुल 252 डाकघर हैं। वाराणसी में डाकघरों की ऐतिहासिकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वाराणसी सिटी डाकघर वर्ष 1898 में निर्मित और विशेश्वरगंज स्थित वाराणसी प्रधान डाकघर वर्ष 1920 में निर्मित ब्रिटिश कालीन इमारतों में निरंतर संचालित हैं। वाराणसी सिटी डाकघर सम्पूर्ण महिला डाकघर के रूप में कार्यरत है। विशेश्वरगंज स्थित प्रधान डाकघर में आज भी आजादी से पहले का लेटर बॉक्स धरोहर रूप में लगाया गया है, वहीं डाक बाँटने हेतु डाकियों द्वारा इस्तेमाल किये गए भाले इत्यादि भी सुरक्षित रखे गए हैं। प्रधान डाकघर में स्थित फिलेटलिक ब्यूरो डाक टिकट संग्रह के शौकीनों हेतु प्रमुख स्थल है, जहाँ तमाम नए-पुराने डाक टिकट प्रदर्शित हैं। डाक विभाग से तमाम मशहूर हस्तियों का भी नाता रहा है। उपन्यास सम्राट के नाम से प्रसिद्ध लमही निवासी मुंशी प्रेमचंद के पिताजी भी डाक विभाग में ही कार्य करते थे।







9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस, 9-13 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन

देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में डाक विभाग की अहम भूमिका - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

'वित्तीय सशक्तिकरण से अंत्योदय' के लक्ष्य के साथ मनेगा राष्ट्रीय डाक सप्ताह


Tuesday, October 4, 2022

PIN code turns 50 as India completes 75 years of Independence : Live Quiz on PIN by MyGov

पत्रों से हम सभी का नाता रहा है। पत्रों पर लिखे जाने वाले पिनकोड की अहमियत भी खूब है, इसी के माध्यम से विभिन्न स्थानों की लोकेशन चिन्हित की जाती है। भारत में पिन कोड प्रणाली की 15 अगस्त, 1972 को शुरुआत हुई। ऐसे में, 'आजादी का अमृत महोत्सव' काल में डाक विभाग ने पोस्टल इंडेक्स नंबर (पिन) की स्वर्ण जयंती के अवसर पर माईगव प्लैटफॉर्म पर एक विशेष प्रश्‍नोत्‍तरी (क्विज) का लाइव आयोजन किया है। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि यह प्रश्‍नोत्‍तरी, डाक विभाग के उत्पादों और सेवाओं के बारे में नागरिकों में जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ विशेष रूप से पिन कोड के उपयोग को प्रोत्साहित करने का भी एक प्रयास है। इसमें किसी भी भारतीय नागरिक द्वारा  https://quiz.mygov.in/quiz/pincode-quiz/ लिंक पर जाकर भागीदारी की जा सकती है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि यह प्रश्‍नोत्‍तरी “आजादी का अमृत महोत्सव” का भाग है जिसमें  7 अक्तूबर, 2022 की रात्रि 11:30 बजे तक प्रतिभागिता की जा सकेगी। डाक विभाग के कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य इस प्रश्‍नोत्‍तरी में भाग नहीं ले सकते। इस समयबद्ध प्रश्‍नोत्‍तरी प्रतियोगिता में प्रतिभागी को 300 सेकंड में 15 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे तथा प्रश्‍नोत्‍तरी, हिन्‍दी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगी। प्रत्येक डाक परिमंडल (राज्य) से सबसे अधिक अंक प्राप्‍त करने वाले 75 प्रतिभागियों को प्रश्‍नोत्‍तरी के विजेताओं के रूप में चुना जाएगा और प्रत्येक चयनित विजेता को डाक-टिकटों का गिफ्ट हैंपर दिया जाएगा। विजेताओं का चयन, दिए गए सही उत्तरों की उच्चतम संख्या के आधार पर किया जाएगा। यदि उच्चतम अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों की संख्या 75 से अधिक होती है, तो उनमें से विजेताओं का चयन, प्रश्‍नोत्‍तरी को पूरा करने में लिए गए समय के आधार पर किया जाएगा। कोई भी प्रतिभागी, प्रतियोगिता में केवल एक ही बार जीत का पात्र होगा। प्रतियोगी को अपना नाम, ई-मेल पता, टेलीफोन नंबर, डाक पता और पिन कोड संबंधी जानकारी देनी होगी।

(The six-digit pin code used by India Post to deliver mail was created August 15, 1972 by Shriram Bhikaji Velankar, who was an additional secretary in the union communications ministry. Known as the 'father of the postal index code system', Velankar was also a senior member of the Posts and Telegraphs Board.)






पिन कोड की स्वर्ण जयंती के अवसर डाक विभाग द्वारा माईगव प्लेटफॉर्म पर विशेष क्विज

डाक विभाग की विभिन्न योजनाओं और पहलों से भी अवगत कराएगी क्विज प्रतियोगिता

भारत में 15 अगस्त, 1972 को आरम्भ हुई थी पिनकोड प्रणाली